Mumbai में प्राकृतिक तालाबों की खोज शुरू, बीएमसी करेगी सर्वे और पुनर्जीवन की तैयारी

Mumbai में प्राकृतिक तालाबों के संरक्षण के लिए बीएमसी सर्वेक्षण शुरू करने जा रही है। खो चुके जलाशयों की पहचान कर उन्हें ‘ब्लू जोन’ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
Powai Lake
पवई झील (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai BMC Natural Ponds Survey: बीएमसी प्रशासन ने शहर में वर्तमान में मौजूद प्राकृतिक तालाबों की संख्या का सर्वेक्षण कर उनकी पहचान करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब मुंबई में तेजी से पुनर्विकास व बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं।

इन परियोजनाओं के कारण कई प्राकृतिक जलाशय जैसे झीलें और तालाब या तो पाट दिए गए हैं या विकास के लिए भर दिए गए हैं। इससे पारिस्थितिक जैव विविधता को नुकसान हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक झीलें शहरी क्षेत्रों के तापमान को कम कर अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पिछले तीस वर्षों में विकास परियोजनाओं की वजह से कई तालाब लुप्त हो गई हैं।

वर्तमान में Mumbai में तुलसी झील, विहार झील, पवई झील, सायन तालाब, बांद्रा तालाब और बाणगंगा टैंक जैसी प्रमुख झीलें मौजूद हैं। इनमें से तुलसी और विहार झीलें रोजाना मुंबई को पीने का पानी उपलब्ध कराती हैं। अतिरिक्त मनपा आयुक्त अविनाश ढाकणे ने बताया कि यह अभियान बहु-चरणीय होगा।

Mumbai के तालाबों का होगा सर्वेक्षण

पहले चरण में शहर की योजना में चिह्नित प्राकृतिक जलाशयों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनकी वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण किया जाएगा। यदि वे अभी भी मौजूद हैं, तो उनका पुनर्जीवन कर उन्हें मुंबई के 'ब्लू जोन' के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य खोई हुई झीलों, तालाबों को खोजकर शहरी ताप प्रभाव को कम करना और पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना है।

इन तालाबों के पुनर्जीवन से शहर के खुले स्थानों को लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाया जाएगा। फिलहाल यह परियोजना योजना चरण में है और विस्तृत कार्ययोजना तैयार होने के बाद परामर्शदाताओं की नियुक्ति के लिए निविदा जारी की जाएगी।

केवल 68 जगहों पर ही पाए गए प्राकृतिक तालाब

अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के विकास योजना (डीपी) 1991 और 2034 में लगभग 300 झीलों, तालाबों का उल्लेख था, लेकिन पिछले तीन दशकों में कई झील और तालाब बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट परियोजनाओं के कारण समाप्त हो गई। विश्व वन्यजीव कोष की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट चित्रों के आधार पर 129 संभावित झील और तालाब स्थलों की पहचान की गई, जिनमें से केवल 68 स्थानों पर ही प्राकृतिक तालाब पाई गई, जबकि 17 स्थानों तक पहुंच संभव नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान तालाबों में 23 छोटी, 36 मध्यम, 6 बड़ी और 3 बहुत बड़ी झीलें शामिल हैं।

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