मुंबई के विद्याविहार लिंक प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, 30 मिनट का सफर अब 10 मिनट में होगा पूरा
Mumbai Vidyavihar Link Project: मुंबई के बहुप्रतीक्षित विद्याविहार लिंक प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। पूर्व और पश्चिम के बीच यात्रा का समय 30-45 मिनट से घटकर 10 मिनट से कम रह जाएगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई विद्याविहार लिंक प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Vidyavihar Link Project News: मुंबई के विद्याविहार के पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाली बहुप्रतिक्षित लिंक परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना के आड़े आ रहे 162 वृक्षों की क्षति के बदले पनवेल में 200 पेड़ो को ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद 30 मिनट का सफर केवल 10 मिनट से कम समय के अंदर सिमट कर रह जाएगा। बीएमसी अधिकारियों ने इस परियोजना का काम अगले महीने जून आखिर तक पूरा हो जाने की जानकारी दी है।
विद्याविहार लिंक परियोजना का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लोग 35 साल से इसका इंतजार कर रहे हैं। इसका काम बीएमसी की ओर से किया जा रहा है। यह परियोजना मुंबई की बहुप्रतिक्षित परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के प्रस्ताव पर 35 साल पहले विचार किया गया था।
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कई रुकावटें आईं, जिसके कारण देरी हुई
इस परियोजना का काम लगभग एक दशक से चल रहा है। बीएमसी ने विद्याविहार पूर्व-पश्चिम के जोड़ने के लिए 162 पेड़ों को काटकर ट्रांसप्लांट करने का प्रस्ताव दिया है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार इसके बदले में रायगढ़ जिले के पनवेल में 200 पेड ट्रांसप्लांट किए जाएंगे।
विद्याविहार में 650 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर रेलवे ट्रैक के ऊपर पूर्वी क्षेत्र में लाल बहादुर शास्त्री रोड को पश्चिम में रामकृष्ण चेंबूरकर मार्ग से जोड़ेगा। फ्लाईओवर का प्रस्ताव पहली बार 1991 में बीएमसी के डेवलपमेंट प्लान में शामिल किया गया था। परियोजना के लिए टेंडर 2016 में जारी किए गए थे और उसके बाद कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हुआ। परियोजना में कई रुकावटें आईं, जिसके कारण काम में देरी हुई।
सीधी कनेक्टिविटी का अभाव
विद्याविहार में पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाली वर्तमान में कोई सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। वाहन चालकों को घाटकोपर या कुर्ला में रोड ओवरब्रिज का इस्तेमाल करके रेलवे ट्रैक पार करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस यात्रा में ट्रैफिक के कारण लगभग 30 से 45 मिनट का समय लगता है। नया फ्लाईओवर बनने के बाद यात्रा का समय 10 मिनट से भी कम समय में सिमट कर रह जाएगा।
179 करोड़ बढ़ी लागत
पश्चिमी हिस्से में रुके हुए पुनर्वास के कारण तीसरी डेडलाइन जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। परियोजना की लागत बढ़कर 179.93 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह लागत शुरुआती प्रस्ताव लागत से दोगुनी हो गई है। इस परियोजना का उद्देश्य घाटकोपर, कुर्ला और विद्याविहार जैसे इलाकों के बीच आने-जाने का समय कम करना है।
जून आखिर तक परियोजना शुरू हो जाएगी, बीएमसी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। अब कोई रूकावट नहीं है। काम तेजी से चल रहा है और अंतिम चरण में है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
– पराग शाह, स्थानीय विधायक
कुल 99.98 करोड़ था शुरुआती बजट
बीएमसी ने शुरू में 1991 में इसकी शुरुआती प्लानिंग के बाद 2016 में यह प्रोजेक्ट शुरू किया था। साल 2018 में कंस्ट्रक्शन शुरू होने के बाद से परियोजना की समय सीमा कई बार बढ़ाई गई है। इस परियोजना का शुरुआती बजट 99.98 करोड़ रुपये था। 612 मीटर लंबा, 17.50 मीटर चौड़ा यह पलाईओवर वाहन चालकों को काफी राहत देगा। इसे दो लेन और फुटपाथ के साथ डिजाइन किया गया है।
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इसके दोनों तरफ 7.5 मीटर की स्लिप रोड है। यह पुल राजावाड़ी जंक्शन (पूर्व) को विद्या विहार स्टेशन रोड (पश्चिम) से जोड़ेगा, पहले इसे साल 2022 में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब जरूरी मसले सुलझ गए है।
