अजित पवार गुट में मचा घमासान, पार्टी पदाधिकारियों की सूची से गायब हुए बड़े नेताओं के नाम
NCP Ajit Pawar Group में अंदरूनी विवाद गहराता नजर आ रहा है। पार्टी की नई सूची से प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे के नाम गायब होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रफुल्ल पटेल, सुनेत्रा पवार और सुनील तटकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
NCP Ajit Pawar Group Internal Conflict: पूर्व डिप्टी सीएम व राकां के मुखिया अजित पवार के निधन के बाद अब पार्टी में अन्दुरुनी कलह तेज हो गई है। जब से अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी संभाली है, उन्होंने सीनियर नेता प्रफुल पटेल व सुनील तटकरे को साइड लाइन करना शुरू कर दिया है।
10 मार्च को सुनेत्रा ने पार्टी अध्यक्ष के तौर पर चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में पार्टी को 14 पदाधिकारियों की एक लिस्ट भेजी थी। लेकिन इस लिस्ट में सीनियर नेता प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल कोई जिक्र नहीं था। जबकि सुनेत्रा का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष, पार्थ पवार महासचिव और जय पवार का नाम राष्ट्रीय सचिव के तौर पर दर्ज था।
राकां की कार्यकारिणी की लिस्ट से पटेल व तटकरे का नाम गायब होने से हड़कंप मच गया हालांकि डैमेज कंट्रोल करने के लिए सुनेत्रा ने इसे तकनीकी गलती कह कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद से पटेल व तटकरे अपनी पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा से नाराज हैं।
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ऐसे विपरीत समय में अब ये दोनों नेता एक बार फिर अपने पुराने बॉस शरद पवार की शरण में पहुंचे हैं, ताकि कोई समाधान निकाला जा सके। राकां अजित पवार गुट के अंदर चल रहे घमासान के बीच सुनील तटकरे 12 मई को मुंबई में शरद पवार से मिलने के लिए उनके ‘सिल्वर ओक’ आवास पर पहुंचे थे। चौकाने वाली यह जानकारी सामने आई है कि तटकरे से पहले प्रफुल पटेल भी उसी दिन पवार से मुलाकात कर चुके थे।
पदों में कोई बदलाव नहीं
राकां अजित पवार गुट के नेता अविनाश आदिक और उमेश पाटिल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रफुल पटेल व सुनील तटकरे के पद में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आदिक ने कहा कि वे पार्टी के नेशनल सेक्रेटरी हैं और कई महीनों से दिल्ली ऑफिस का काम देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटेल और तटकरे को दिल्ली ऑफ़िस से बैन करने की ख़बरें ग़लत हैं। मेरे नाम का गलत इस्तेमाल करके यह जानकारी फैलाई गई। उमेश पाटिल ने साफ किया कि सुनील तटकरे स्टेट प्रेसिडेंट और प्रफुल पटेल वर्किंग प्रेसिडेंट हैं और उनकी पोजीशन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मैं लड़ने वाला रोल निभाऊंगाः रोहित
रोहित पवार ने कहा कि अजित गुट में जिस तरह की गतिविधियां हो रही हैं, उससे साफ है कि पार्टी में कुछ भी ठीक-ठाक नहीं है। पार्टी कैसे चलानी है। यह फैसला अजित पवार गुट के नेताओं को लेना है। पार्टी का विलय करना है या फिर अलग अलग काम करना है। इस बारे में आगे क्या करना है, यह फैसला शरद पवार करेंगे। मेरा स्वभाव लड़ने वाले नेता की है। अगर पार्टी को एक करना है, तो मैं लड़ने वाला रोल निभाऊंगा।
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अजित की मौत के पीछे एक बड़ी साजिश
अजित के निधन के बाद से ही रोहित पवार लगातार पटेल व तटकरे की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अजित के विमान हादसे में हुई मौत के पीछे एक बड़ी साजिश है। रोहित ने अप्रत्यक्ष रूप से दोनों नेताओं की भूमिका को लेकर भी सवाल भी खड़े किए हैं।
