हर घंटे 17 लोगों को कुत्ते बना रहे शिकार: मुंबई में 5 साल में कुत्तों के काटने के 5.29 लाख मामले

Mumbai Stray Dog Bites: मुंबई में आवारा कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2025 में 1.54 लाख से अधिक घटनाएं दर्ज हुईं। बीएमसी ने 1.35 लाख कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य तय किया है।
Menace of stray dogs in Mumbai, 1.54 lakh people fall victim in 2025
मुंबई आवारा कुत्ते सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • मुंबई में 2025 में कुत्तों के काटने के 1.54 लाख मामले दर्ज, औसतन हर घंटे 17 लोग शिकार।

  • 2021 से 2025 के बीच कुल 5.29 लाख मामले सामने आए।

  • बीएमसी ने अगले तीन वर्षों में 1.35 लाख आवारा कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा।

Mumbai Stray Dog Bites BMC Dog Sterilization: मुंबई में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वर्ष 2025 में शहर में कुत्तों के काटने के 1,54,017 मामले दर्ज किए गए। इन आंकड़ों के मुताबिक, औसतन हर घंटे करीब 17 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए।

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 से 2025 के बीच कुल 5,29,650 मामले सामने आए हैं। ये आंकड़े शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और उससे निपटने के उपायों पर सवाल खड़े करते हैं।

पांच वर्षों में लगातार उतार-चढ़ाव

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई शहर में वर्ष 2021 में कुत्तों के काटने के 79,252 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 1,06,797 हो गई। इसके बाद 2023 में मामलों में गिरावट आई और कुल 61,332 मामले सामने आए।

हालांकि, वर्ष 2024 में घटनाएं फिर तेजी से बढ़ीं और आंकड़ा 1,28,252 तक पहुंच गया। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,54,017 हो गई। इस तरह पिछले दो वर्षों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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बीएमसी के सामने आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की चुनौती

कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए अगले तीन वर्षों में 1.35 लाख कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा है। नसबंदी को आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के प्रमुख उपायों में गिना जाता है।

हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नसबंदी अभियान की प्रभावी निगरानी और नियमित क्रियान्वयन अहम होगा। साथ ही, नागरिकों की सुरक्षा, कुत्तों के टीकाकरण और काटने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता जैसे उपायों पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

पांच वर्षों में सामने आए 5.29 लाख से अधिक मामलों से स्पष्ट है कि मुंबई में कुत्तों के काटने की घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई हैं। अब बीएमसी की प्रस्तावित नसबंदी योजना कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर नजर रहेगी।

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