

महारेरा ने नागपुर में 27 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी; ₹774 करोड़ निवेश और 2,456 घर प्रस्तावित।
महाराष्ट्र में 435 नए प्रोजेक्ट्स मंजूर, ₹23,719 करोड़ निवेश और 32,981 घरों की योजना।
विदर्भ में 32 परियोजनाओं को हरी झंडी; पुणे और मुंबई रीजन में सबसे ज्यादा मंजूरियां।
Maharashtra MahaRERA Project Approval: दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन में महाराष्ट्र के रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने नागपुर जिले में 27 नए आवासीय प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देकर रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किए हैं। इन परियोजनाओं में लगभग 774 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और करीब 2,456 आवासीय इकाइयों के निर्माण की योजना है।
महारेरा ने राज्यभर में अनुमानित 23,719 करोड़ रुपये के निवेश वाले 435 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से कुल 32,981 नए घरों के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। इसके अलावा, प्राधिकरण ने विकासकों के अनुरोध पर 210 पुराने प्रोजेक्ट्स की समयसीमा बढ़ाने और 609 परियोजनाओं के प्रस्तावों में संशोधन को मंजूरी दी है।
विदर्भ क्षेत्र में कुल 32 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें नागपुर सबसे आगे है। जिलेवार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में 27 परियोजनाओं के लिए 774 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
अमरावती शहर में चार परियोजनाओं के तहत 196 आवासीय इकाइयां बनाने की योजना है, जिनमें 34 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं, अकोला में एक परियोजना को मंजूरी मिली है, जिसमें 30 आवासीय इकाइयों के लिए 13 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
नए रजिस्ट्रेशन में पुणे और मुंबई महानगर क्षेत्र का बड़ा हिस्सा है। मुंबई महानगर प्रदेश (MMR) में 201, पुणे रीजन में 140, ठाणे में 70 और मुंबई शहर व उपनगरों में 63 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, खानदेश और मराठवाड़ा क्षेत्र में 24 नए प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिली है।
महारेरा के नियमों के अनुसार, परियोजना समय पर पूरी नहीं होने पर विकासकों को समय विस्तार के लिए आवेदन करना पड़ता है। निर्माण योजना में बदलाव के लिए भी नियामकीय अनुमति जरूरी होती है। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है।
त्योहारी सीजन में मिली इन मंजूरियों से राज्य के आवासीय निर्माण क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक निवेश और घरों की संख्या परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।