सायन ROB प्रोजेक्ट; माटुंगा-कुर्ला के बीच 500 टन गर्डर स्थापित, मुंबई लोकल नेटवर्क को मिलेगा लाभ
Mumbai Railway Sion ROB Update: सायन ROB परियोजना में 500 टन स्टील गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इससे पांचवीं-छठी रेलवे लाइन परियोजना और पूर्व-पश्चिम सड़क संपर्क को गति मिलेगी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
सायन ROB परियोजना (सोर्सः फाइल फोटो)
Sion ROB Update Steel Girder Successfully Launched: मध्य रेल ने सायन रोड ओवर ब्रिज के पुनर्निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए माटुंगा और कुर्ला के बीच रात्रिकालीन ब्लॉक के दौरान 500 टन वजनी सेमी-थ्रू स्टील गर्डर का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह कार्य CSMT-कुर्ला पांचवीं व छठी लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसे मुंबई की रेलवे क्षमता बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में माना जाता है।
चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग का कार्य बना मिसाल
माटुंगा और कुर्ला के बीच चालू रेलवे लाइनों के ऊपर 500 टन वजनी विशाल स्टील स्पैन की स्थापना और लॉन्चिंग को सायन ROB परियोजना का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण चरण माना गया। यह कार्य सीमित रात्रिकालीन ब्लॉक अवधि में पूरा किया गया, जिससे रेल सेवाओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस स्टील गर्डर का निर्माण हरियाणा के अंबाला में किया गया था और बाद में इसे कल्याण छोर के निकट परियोजना स्थल पर लाकर विभिन्न हिस्सों में असेंबल किया गया।
लॉन्चिंग से पहले अस्थायी ट्रेसल, विशेष लॉन्चिंग व्यवस्था, संरचनात्मक स्थिरता परीक्षण और संरेखण जांच जैसी सभी तकनीकी प्रक्रियाएं सावधानीपूर्वक पूरी की गईं। मुंबई के अत्यधिक व्यस्त उपनगरीय रेल कॉरिडोर और घनी आबादी वाले क्षेत्र में इतने बड़े ढांचे की सफल लॉन्चिंग को रेलवे इंजीनियरिंग की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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इस कार्य के लिए महीनों की सूक्ष्म योजना, सटीक क्रियान्वयन और विभिन्न तकनीकी, सुरक्षा तथा संचालन टीमों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक था। अधिकारियों का कहना है कि इस उपलब्धि से न केवल सायन आरओबी परियोजना को गति मिलेगी, बल्कि CSMT-कुर्ला पांचवीं और छठी रेलवे लाइन परियोजना के भविष्य के कार्यों को भी मजबूती मिलेगी।
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अन्य कार्यों में आएगी तेजी
सौ वर्ष से अधिक पुराने पुल की संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए उसके पुनर्निर्माण का निर्णय लिया गया था। नए ROB में रेलवे ट्रैक के ऊपर पुल का स्पैन लगभग 40 मीटर से बढ़ाकर 54.5 मीटर किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त रेलवे लाइनों के निर्माण और भविष्य की परिचालन जरूरतों को समर्थन मिलेगा।
गर्डर लॉन्चिंग के बाद अब डेक स्लैब, सड़क निर्माण, उपयोगिता सेवाओं की पुनर्स्थापना और क्रैश बैरियर लगाने जैसे कार्यों में तेजी आएगी। पुल शुरू होने पर ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एलबीएस मार्ग और धारावी के बीच महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम सड़क संपर्क बहाल होगा, जिससे हजारों यात्रियों और वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
