Eastern Express Highway में करोड़ों का घोटाला? बीजेपी पार्षद ने BMC पर लगाया बड़ा आरोप

Mumbai Eastern Express Highway: मुंबई के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे की मरम्मत में BMC पर करोड़ों की अनियमितता का आरोप लगा है। BJP नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने जांच की मांग की है।
Eastern Express Highway Repair Corruption
पूर्वी एक्सप्रेस हाइवे, इनसेट- बीजेपी नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Eastern Express Highway Repair Corruption: बीएमसी के अधीन मुंबई के पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे पर सड़क मरम्मत कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी खजाने की लूट होने का आरोप स्थायी समिति सदस्य व बीजेपी नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने लगाया है। पिछले दो वर्षों में विभिन्न तकनीकों के नाम पर किए गए करोड़ों रुपये के खर्च पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।

तिवाना की कड़ी आपत्ति के बाद प्रशासन ने इस काम से संबंधित प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया है। पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे को लोक निर्माण विभाग (PWD) से नवंबर 2022 में मुंबई मनपा को सौंपा गया था। तब से इस हाईवे पर गड्डा-मुक्ति और मरम्मत के लिए बीएमसी ने जमकर खर्च किया है।

एक ही काम के लिए नया फंड क्यों?

वर्ष 2023 में मानसून पूर्व कार्यों के लिए मुंबई महानगरपालिका (BMC) शुरुआत में 93 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, जो बाद में बढ़कर 109 करोड़ रुपये हो गए। खास बात यह है कि इस काम का 'गारंटी अवधि' 2 वर्ष होने के बावजूद, उन्हीं स्थानों पर फिर से नए कामों के लिए ठेके निकाले जा रहे हैं, यह मुद्दा तिवाना ने उठाया। 2024 में इस हाईवे पर मस्टिक, जियो-पॉलिमर और माइक्रो सरफेसिंग जैसी विभिन्न तकनीकों के नाम पर लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। अब फिर से 63 करोड़ रुपये के माइक्रो सरफेसिंग कार्य का प्रस्ताव रखा गया है। बीजेपी नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने सवाल उठाया कि यदि पहले ही करोड़ों रुपये खर्च कर सड़कें दुरुस्त की गई थीं, तो एक साल के भीतर फिर उसी काम के लिए नया फंड क्यों? उन्होंने संदेह जताया कि पुराने ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के बजाय प्रशासन नए ठेकेदारों को लाभ पहुंचा रहा है।

BJP नगरसेवक ने की जांच की मांग

BMC के नगरसेवक तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रशासनिक स्तर पर मनमाने तरीके से निर्णय लिए गए हैं और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की संभावना है। उन्होंने वर्ष 2023 से अब तक सड़क मरम्मत पर खर्च किए गए हर रुपये का हिसाब और काम की गुणवत्ता की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

  • मानसून पूर्व मरम्मत (2023): इस कार्य पर लगभग 109 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह काम केआर कंस्ट्रक्शन नामक ठेकेदार ने किया था और इसकी 2 वर्ष की गारंटी अवधि अभी भी जारी है।
  • सर्विस रोड मरम्मत (मस्टिक): 2024 में सर्विस रोड की मस्टिक मरम्मत पर 85 करोड रुपये खर्च हुए।
  • मस्टिक सुधारः इसी अवधि में अन्य मस्टिक सुधार कार्यों पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
  • जियो-पॉलिमर सुधारः सड़क को मजबूत बनाने तकनीक पर 9 करोड़ खर्च किए गए।
  • माइको सरफेसिंग (2024): पिछले वर्ष माइको सरफेसिंग पर 46.31 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसकी वर्तमान स्थिति पर अब सवाल उठ रहे हैं।
  • प्रस्तावित माइको सरफेसिंगः अब फिर 63 करोड़ रुपये के नए कार्य का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे आपत्ति के बाद फिलहाल रोक दिया गया है।
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