Mumbai Port ने बनाया रिकॉर्ड, वैश्विक चुनौतियों के बीच 75.15 एमएमटी कार्गो के साथ 9.5% की वृद्धि
Cargo Throughput Record Mumbai Port: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने 2025-26 में 75.15 एमएमटी कार्गो हैंडल कर नया रिकॉर्ड बनाया। ड्राई बल्क में बढ़ोतरी से पोर्ट की परिचालन क्षमता और मजबूती साबित हुई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Port Record Cargo Growth: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सभी सेगमेंट में सरप्लस ग्रोथ हासिल करते हुए अब तक का सबसे ज्यादा कार्गो थूपुट 75.15 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी ) हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.5% की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।
यह उपलब्धि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और समुद्री स्थितियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पोर्ट की मजबूती और परिचालन क्षमता को रेखांकित करती है। कार्गो यातायात में वृद्धि का मुख्य कारण प्रमुख सेगमेंट में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।
लिक्विड बल्क कागों, जिसका हिस्सा सबसे ज्यादा है, 9.8% बढ़कर 46.83 एमएमटी हो गया, जबकि ड्राई बल्क कार्गो में 14.7% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 22.77 एमएमटी तक पहुँच गया।
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ब्रेक बल्क कार्गो ने भी लगातार योगदान दिया, जिससे कुल कार्यों मिश्रण में 63 प्रतिशत लिक्विड बल्क, 30 प्रतिशत ड्राई बल्क और 7 प्रतिशत ब्रेक बल्क शामिल हो गया। इस वर्ष पोर्ट ने 1,850 जहाजों को संभाला, जिनमें 1,515 कार्गो जहाज शामिल थे, यह समुद्री गतिविधियों में लगातार हो रही वृद्धि को दर्शाता है।
घरेलू और EXIM लॉजिस्टिक्स में बढ़ी हुई भूमिका
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने तटीय कार्यों में 30% (21.9 एमएमटी) की मजबूत हिस्सेदारी बनाए रखी है, जिससे भारत की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका और भी मजबूत हुई है। यह पोर्ट अब प्रोजेक्ट कार्गो, समें भारी इंजीनियरिंग उपकरण और बुनियादी ढाँचे के घटक शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष की एक उल्लेखनीय बात उर्वरक और उर्वरक निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के आयात में हुई 141% की वृद्धि थी। इसके साथ ही, ऑटोमोबाइल क्षेत्र को भी लगातार सहयोग दिया गया, जिसके तहत 80,000 से ज्यादा वाहनों, को हैंडल किया। जिसमे प्रीमियम और इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।
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रेल कनेक्टिविटी में भी आया अच्छा सुधार
रेल के माध्यम से ले जाए जाने वाले कार्गो की मात्रा दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 5.26 लाख एमटी हो गई, जिससे कार्गो की निकासी अधिक टिकाऊ और कुशल तरीके से हो पाई। मुंबई पोर्ट ऑथोरिटी ने उत्पादकता में लगातार सुधार हासिल किया है और 2020-21 से अब तक इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 7.10% रही है। जहाजों के आने-जाने का औसत समय सुधरकर 64.05 घंटे हो गया, जबकि बर्थ की उत्पादकता में काफी बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 11,365 एमटी प्रति जहाज हो गई है।
