नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास बढ़ा बर्ड-स्ट्राइक खतरा, 3 किमी दूरी पर जारी अवैध कत्लखाना

Ulwe Illegal Slaughter Aviation Safety: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास उलवे में अवैध कत्ल और मांस बिक्री जारी है, जिससे बर्ड-स्ट्राइक का खतरा बढ़ गया है।
Navi Mumbai International Airport International Flights Delay
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Navi Mumbai International Airport Bird Strike Risk: नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास बर्ड-स्ट्राइक जोखिम कम करने के लिए विमानन नियामक द्वारा बुधवार को बहुस्तरीय योजना पेश किए जाने के बावजूद, उलवे में रनवे से महज 3 किमी दूरी पर बकरियों और मुर्गियों की खुलेआम क़त्ल और बिक्री जारी है, जिससे हवाई सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के नियमों के अनुसार, किसी भी हवाई अड्डे के 10 किमी दायरे में क़त्ल, मांस बिक्री और कचरा फेंकने पर रोक है, क्योंकि इससे पक्षी और वन्यजीव आकर्षित होते हैं, जो विमान और यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

हालांकि, बार-बार शिकायतों के बावजूद उलवे की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिखा है। नेट कनेक्ट फाउंडेशन द्वारा सूचना का अधिकार के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में डीजीसीए ने स्थानीय प्रशासन के साथ संयुक्त निरीक्षण और रिपोर्ट का हवाला दिया, लेकिन अमल या सुधारात्मक कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है, नेट कनेक्ट के निदेशक बी एन कुमार का कहना है कि जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आता है।

जमीनी स्तर पर नहीं हुई कार्रवाई

बुधवार को पोर्टल पर अपलोड किए गए जवाब में कहा गया कि इन रिपोर्टों को स्थानीय निकायों व एरोड्रम एनवायरनमेट मैनेजमेंट कमेटी के साथ नियमित रूप से साझा किया जाता है, लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया कागजों तक सीमित है और जमीनी कार्रवाई का अभाव है, उलवे के कार्यकर्ता करण चावला ने कहा कि हाल के त्योहारों के दौरान कत्ल और बिक्री में और बढ़ोतरी हुई।

अवशेषों के निपटान पर गंभीर सवाल है, इससे बड़े मांस खाने वाले पक्षी आकर्षित होते हैं और बर्ड-स्ट्राइक का खतरा बढ़ता है। नवी मुंबई हवाई अड्डे से यात्री उड़ाने शुरू हुए करीब 100 दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री और केंद्रीय विमानन मंत्रालय को दी गई शिकायतों के बावजूद महत्वपूर्ण हवाई सुरक्षा मुद्दे अब भी लंबित है। डीजीसीए ने बताया कि नवी मुंबई हवाई अड्डा प्राधिकरण ने खतरे के व्यापक अध्ययन और जोखिम आकलन के लिए एक विशेष एजेंसी नियुक्त की है।

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