मुंबई पुलिस पर तीन मोर्चों का दबाव: गणेशोत्सव, मराठा आंदोलन और शाह का दौरा, शहर हाई अलर्ट पर
Mumbai News: मुंबई में गणेशोत्सव की भीड़, मराठा आंदोलन और अमित शाह के दौरे से सुरक्षा का तिहरा दबाव। पुलिस ने छुट्टियां रद्द कर सड़कों पर तैनाती बढ़ाई, जांच एजेंसियां हाई अलर्ट पर।
- Written By: सोनाली चावरे
मुंबई पुलिस (pic credit; social media)
Maharashtra News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों सुरक्षा चुनौतियों के केंद्र में है। एक ओर गणेशोत्सव की भारी भीड़ उमड़ने वाली है, दूसरी ओर मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई दौरा और साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय दौरा होने जा रहा है। इन तीनों वजहों से मुंबई पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर हैं।
मुंबई पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि शहर की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और सड़कों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। खासकर धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
मराठा आंदोलन और शाह के दौरे ने पुलिस के सामने तीन अलग-अलग मोर्चों पर चुनौती खड़ी कर दी है। शहरभर में जगह-जगह नाकाबंदी की जा रही है, गाड़ियों की चेकिंग तेज कर दी गई है। इसका सीधा असर मुंबईकरों की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। भारी ट्रैफिक जाम, डायवर्जन और पुलिस चेकिंग के कारण बेस्ट बसें और लोकल ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इसके चलते दफ्तर जाने वाले लोगों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज और ट्यूशन क्लासेस में पहुंचने वाले छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई ट्यूशन सेंटरों ने तो ट्रैफिक की समस्या देखते हुए अस्थायी तौर पर कक्षाएं बंद कर दी हैं।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला क्षेत्र के गांवों में जलसंकट गहराया; 45°C पार गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, विशेष निधि की मांग
अकोला में भीषण गर्मी का तांडव: 46.9°C के साथ रिकॉर्ड टूटा; टंकियों में उबलता पानी, सड़कें सूनी
अस्पताल में अनाथ छात्रा को अकेला छोड़ने का मामला, स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
अमरावती उड़ान पुलों का काम कछुआ गति से; शहर की लाइफलाइन बेपटरी, व्यापार ठप, जनता बेहाल
इसे भी पढ़ें- धारावीकरों का पूरा होगा पक्के घर का सपना! गणेशोत्सव में हनुमान मंडल ने उठाए सवाल
पुलिस बल का दबाव इतना है कि अधिकारी और जवान थाने में कम और सड़कों पर ज्यादा समय बिता रहे हैं। एक महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि वे लगातार 14 घंटे से अधिक समय तक ड्यूटी करती हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी है। शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत होती है। सरकार की ओर से भोजन तो उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन खाने के लिए कोई जगह न होने से पुलिसकर्मी बारिश और धूल-मिट्टी के बीच सड़कों किनारे ही भोजन करने को मजबूर हैं।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य और सहयोग बनाए रखें ताकि गणेशोत्सव, आंदोलन और वीवीआईपी दौरे के बीच शहर की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
