मुंबई में हाई-टेक ठगी का पर्दाफाश, फर्जी कॉल सेंटर से अमेरिका में मचाया तहलका!
मुंबई पुलिस ने गोरेगांव में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया जो अमेरिकी नागरिकों को एंटी-वायरस नवीनीकरण के बहाने ठग रहा था। 13 लोग गिरफ्तार, दो साल से चल रही थी ठगी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
फर्जी कॉल सेंटर (सांकेतिक तस्वीर)
Mumbai News: मुंबई पुलिस ने पश्चिमी उपनगरों में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और 13 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोग कथित तौर पर कंप्यूटर पर एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर को नवीनीकृत करने के बहाने अमेरिकी नागरिकों को ठगने में शामिल थे। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा ने सोमवार रात गोरेगांव पूर्व में ‘विहान कमर्शियल कॉम्प्लेक्स’ में एक परिसर पर छापा मारा और आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि अपराध शाखा को एक कॉल सेंटर के बारे में विशेष जानकारी मिली थी, जहां कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों को ‘एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर’ के नवीनीकरण के बारे में ई-मेल भेजते थे, साथ ही एक टोल-फ्री नंबर भी देते थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जब पीड़ित टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते थे तो आरोपी उन्हें 250 से 500 डॉलर मूल्य के गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर करते थे। इसके बाद आरोपी पीड़ितों के भुगतान को क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे।” ‘
सम्बंधित ख़बरें
पुलिस पर हमला, बैरकों में तोड़फोड़…कपूरथला जेल में खूनी बवाल से मचा हड़कंप! बाहर लगी एंबुलेंस की कतारें
डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
छत्रपति संभाजीनगर: ईडी और पुलिस का डर दिखाकर रिटायर्ड प्रोफेसर से 32.5 लाख की ठगी; गुजरात से 2 आरोपी गिरफ्तार
भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज PM नरेंद्र मोदी से करेंगे मुलाकात, जानें शेड्यूल- VIDEO
यह भी पढ़ें- राहुल धोत्रे हत्याकांड के आरोपी पूर्व BJP नगरसेवक ने किया सरेंडर, 20 दिन से था फरार
उन्होंने बताया कि फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो साल से चल रहा था। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कॉल सेंटर के दो मालिकों, एक प्रबंधक और 10 एजेंट को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि छापेमारी सोमवार रात भर जारी रही। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और स्थानीय अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है।– एजेंसी इनपुट के साथ
