इस्लामाबाद बनेगा शांति का गवाह! 10 अप्रैल को आमने-सामने होंगे अमेरिका और ईरान, क्या टल जाएगा महायुद्ध?
पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अब 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक सीधी बातचीत होगी। पीएम शहबाज शरीफ ने लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में युद्ध-विराम की पुष्टि की है।
- Written By: अक्षय साहू
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Iran Ceasefire Pakistan Mediates: अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के लिए लागू सीजफायर के बाद अब दोनों देश 10 अप्रैल शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत करेंगे। इसका ऐलान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया के जरिए किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देशों ने लेबनान समेत सभी क्षेत्रों में तुरंत सीजफायर लागू करने के लिए सहमति जताई है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने में सक्रिय योगदान दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाना को पाकिस्तान के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
सीजफायर पर शहबाज शरीफ ने जताई खुशी
शहबाज शरीफ ने अपने बयान में कहा, “पूरी विनम्रता के साथ मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और अन्य क्षेत्रों में तुरंत सीजफायर लागू करने के लिए सहमत हो गए हैं।”
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With the greatest humility, I am pleased to announce that the Islamic Republic of Iran and the United States of America, along with their allies, have agreed to an immediate ceasefire everywhere including Lebanon and elsewhere, EFFECTIVE IMMEDIATELY.
I warmly welcome the… — Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 7, 2026
उन्होंने कहा कि यह कदम विवादों के स्थायी समाधान और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने बेहद समझदारी और सूझबूझ दिखाते हुए शांति की दिशा में रचनात्मक कदम उठाए हैं और इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता सतत शांति की दिशा में सकारात्मक परिणाम देगी।
ईरान ने भी युद्धविराम को मंजूरी
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी दो हफ्तों के युद्ध-विराम को मंजूरी दे दी है और पुष्टि की है कि वह शुक्रवार से अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में बातचीत करेगा। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब युद्ध का अंत नहीं है। उनका कहना है कि “हमारे हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं, और अगर दुश्मन से ज़रा सी भी गलती हुई, तो उसका पूरा जवाब दिया जाएगा।”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने रुख में बदलाव दिखाया है। उन्होंने पहले पुलों, पावर प्लांट और अन्य नागरिक ठिकानों पर हमले की धमकी दी थी, लेकिन अब सीजफायर पर सहमति जताई है। उन्होंने शर्त रखी है कि इसके लिए ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने के लिए तैयार होना होगा।
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सकारात्मक बातचीत की उम्मीद
हालांकि यह दो हफ्तों का युद्धविराम पूरी तरह तनाव खत्म नहीं करता, लेकिन इसे क्षेत्र में स्थिरता लाने और संभावित स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस्लामाबाद वार्ता दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान का रास्ता खोल सकती है और आने वाले दिनों में सकारात्मक संकेतों की उम्मीद जगाती है।
