राहुल गांधी के खुलासे से भाजपा में खलबली, विजय वडेट्टीवार ने कहा- उनमें डर का माहौल
Vijay Wadettiwar: विजय वडेट्टीवार ने राहुल गांधी को 'अर्बन माविष्ट' कहे जाने पर आपत्ति जताई। कहा, वोट चोरी का मुद्दा उठाने से BJP घबराई है। अमेरिका-भारत रिश्तों पर भी सवाल उठाए।
- Written By: अर्पित शुक्ला
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (pic credit; social media)
Mumbai News: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘अर्बन माविष्ट’ कहने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सीएम देवेंद्र फडणवीस के इस बयान को राहुल गांधी के वोट चोरी के मुद्दे को उठाए जाने का परिणाम बताया और कहा कि राहुल गांधी ने पूरे साक्ष्यों के साथ वोट चोरी का मुद्दा उठाया है। इससे भाजपा के खेमे में खलबली मची हुई है। भाजपा के लोगों में डर का माहौल है और ऐसी स्थिति में देवेंद्र फडणवीस का यह बयान इसी खलबली का नतीजा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनीति में कौन-सा नेता कैसा है, यह तय करने का अधिकार किसी अन्य राजनेता को नहीं, बल्कि देश की जनता को है। यहां लोकतंत्र है और किसी भी राजनेता का चयन लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोटिंग प्रणाली के तहत होता है।
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उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में राहुल गांधी कैसे हैं या कैसे नहीं, यह देश की जनता तय करेगी। साथ ही, मैं एक बात और स्पष्ट कर दूं कि देश की जनता अब इन लोगों की सच्चाई जान चुकी है। देश की जनता इस बात को जानती है कि ये लोग वोट चोरी के दम पर सत्ता में हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एच1बी वीजा का शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति इस समय बदहाल है। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस तरह का कदम उठाया।
साथ ही, उन्होंने अमेरिका और भारत के रिश्ते को भी सवालों के कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमारे प्रधानमंत्री की तारीफ करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वो लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे भारत के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़े। हाल ही में उन्होंने टैरिफ बढ़ाया है। इससे भारत के व्यापारिक हितों पर कुठाराघात हो रहा है।
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मैं समझता हूं कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें तारीफ की जरूरत नहीं, बल्कि इस बात की जरूरत है कि अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ को कम करें, क्योंकि इस टैरिफ की वजह से हमें कई प्रकार की आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में हम अमेरिका की इस मनमानी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ
