सावधान! दूध में शैंपू और केमिकल की मिलावट, पुणे में FDA के छापे में पकड़ा गया 2 करोड़ का नकली दूध

Pune Adulterated Synthetic Milk Racket: पुणे में पुलिस और FDA ने शैंपू व केमिकल से नकली दूध बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 2 करोड़ का माल जब्त किया है।
Pune Synthetic Milk Racket FDA Raid
पुणे में दूध में मिलावट करने वालों पर FDA की रेड (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Pune Synthetic Milk Racket FDA Raid: महाराष्ट्र के पुणे जिले और उसके आस-पास के क्षेत्रों में जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बेहद खतरनाक और घिनौने अंतर-जिला रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुणे ग्रामीण पुलिस और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी के दौरान शैंपू, मिल्क पाउडर और खतरनाक रसायनों (केमिकल्स) की मदद से तैयार किए जा रहे कृत्रिम यानी सिंथेटिक दूध के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है।

इस देशव्यापी नेटवर्क के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मिलावटी सामग्री व उपकरण जब्त किए गए हैं।

पांच जिलों में एक साथ रेड; मंचर था मुख्य केंद्र

पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे गिरोह का मुख्य केंद्र पुणे जिले का मंचर इलाका था। इस रैकेट की जड़ें कई अन्य जिलों में भी फैली हुई थीं, जिसके चलते पुणे रूरल लोकल क्राइम ब्रांच की 30 सदस्यीय विशेष टीम और 20 से अधिक FDA अधिकारियों ने एक साथ मंचर, अकलूज, अहिल्यानगर, सिल्लोड और सांगली में ताबड़तोड़ छापेमारी की।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि यह अंतर-ज़िला गिरोह बेहद शातिराना तरीके से कई जिलों के बाजारों में हर रोज हजारों लीटर जानलेवा नकली दूध की सप्लाई कर रहा था।

1000 लीटर असली दूध में 500 लीटर 'केमिकल वाला जहर'

जांचकर्ताओं के सामने आरोपियों ने जो चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, वे किसी को भी डराने के लिए काफी हैं। आरोपी बाजार में और आम ग्राहकों तक दूध पहुंचाने से पहले हर 1000 लीटर असली दूध के भीतर लगभग 500 लीटर केमिकल और शैंपू से निर्मित सिंथेटिक दूध मिला देते थे। इसे गाढ़ा और झागदार बनाने के लिए खतरनाक डिटर्जेंट, घटिया मिल्क पाउडर और व्हे पाउडर का इस्तेमाल किया जाता था।

कार्रवाई के दौरान सोलापुर के सांगोला से आ रहे एक टैंकर को रोककर 28,498 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया गया। वहीं, अहिल्यानगर के कलेक्शन सेंटर से भी 24,498 लीटर संदिग्ध दूध पकड़ा गया। यह दूध इंसानी सेहत के लिए जहर समान था और जल्दी खराब होने वाला था, इसलिए अधिकारियों ने मौके पर ही इस पूरे स्टॉक को बहाकर नष्ट कर दिया। इसके अलावा गलत लेबलिंग और नियमों के उल्लंघन के आरोप में 92,000 किलोग्राम से अधिक खाद्य उत्पाद भी सील किए गए हैं।

पशुशालाओं में चल रहा था खेल; बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए FDA, पुणे डिवीजन के जॉइंट इंस्पेक्टर दिगंबर भोगावाड़े ने बताया कि फलटन और सतारा में अचानक की गई जांच के दौरान टीमों ने एक पशुशाला (तबेले) का निरीक्षण किया। वहां गाय-भैंसों के असली दूध में मिलावट करने के लिए बड़े पैमाने पर स्प्रे-ड्राइड उत्पाद और इंस्टेंट टी-कॉफी क्रीमर छिपाकर रखे गए थे, जिसके बाद फलटन पुलिस स्टेशन में मालिक और सप्लायर सहित पांच लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

यह पूरा जॉइंट ऑपरेशन पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट (SP) संदीप सिंह गिल और तेजतर्रार FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे के सीधे मार्गदर्शन में चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के फंडिंग लिंक्स और मुख्य सप्लायर्स की तलाश की जा रही है, ताकि पुणे और उसके आस-पास के जिलों की डेयरियों व वेंडरों तक फैले इसके पूरे जाल को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।

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