मुंबई के विकास के लिए MMRDA और मॉस्को सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता, 300 अरब डॉलर की इकोनॉमी का रास्ता साफ
MMRDA Moscow MoU: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के ग्लोबल विकास के लिए MMRDA और मॉस्को सरकार ने हाथ मिलाया है। बुनियादी ढांचे, तकनीक और पर्यटन में सहयोग से 2030 तक लाखों रोजगार पैदा होंगे।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
MMRDA और मॉस्को सरकार के अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Infrastructure Development: मुंबई एमएमआर में संसाधनों के विकास में कार्य कर रहे मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण, शहरी विकास विभाग, महाराष्ट्र शासन और रूसी संघ की मॉस्को सरकार ने एक जरूरी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। गुरुवार को मुंबई के एमएमआरडीए मुख्यालय में हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने,सतत शहरी परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज़ करने की दिशा में मिल कर कार्य करने का निर्णय लिया गया।
एमएमआरडीए के आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी और मॉस्को सरकार के मंत्री शसर्गेई चेरेमिन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुंबई में रूसी संघ के महावाणिज्य दूत इवान फेटिसोव भी उपस्थित थे। इस समझौते के तहत शहरी बुनियादी ढांचा, नवाचार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल विकास जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया है।
A New Chapter in India-Russia Cooperation. 🇮🇳🤝🇷🇺 On the auspicious occasion of Shri Ram Navami, MMRDA, along with Urban Development Department, Government of Maharashtra, signs a landmark MoU with the Government of Moscow, bringing world-class urban expertise, cultural… pic.twitter.com/ch5QFd3CFP — MMRDA (@MMRDAOfficial) March 26, 2026
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मुंबई वैश्विक आर्थिक केंद्र
यह साझेदारी मुंबई को एक वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी तथा मुंबई महानगर क्षेत्र में विश्वस्तरीय योजना, तकनीक और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को लाने में मदद करेगी। इसमें नीति समन्वय, ज्ञान साझा करना और क्षमता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एमएमआरडीए की स्थापना 1974 के अधिनियम के तहत हुई थी और यह 6,328 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले मुंबई महानगर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह क्षेत्र भारत के जीडीपी में लगभग 5 से 6 प्रतिशत योगदान देता है। 337 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क और अटल सेतू जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से एमएमआर को वैश्विक आर्थिक केंद्र बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह समझौता नीति आयोग की उस योजना के अनुरूप है, जिसमें एमएमआर को 300 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वर्ष 2030 तक लगभग 30 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम, डिप्टी सीएम ने की सराहना
इस वैश्विक एमओयू पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एमएमआरडीए की सराहना करते हुए कहा कि मॉस्को सरकार के साथ यह साझेदारी महाराष्ट्र के बढ़ते वैश्विक सहयोग का प्रतीक है। इससे विश्वस्तरीय और भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण के हमारे प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। मुंबई केवल भारत की आर्थिक राजधानी नहीं, बल्कि वैश्विक विकास का केंद्र है और ऐसे सहयोग से मुंबई महानगर क्षेत्र को एक अग्रणी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी आएगी।
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा, यह समझौता मुंबई के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वैश्विक अनुभव का उपयोग करते हुए हम विकास के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचा रहे हैं।
इससे पहले एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि यह साझेदारी मुंबई महानगर क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मॉस्को जैसे वैश्विक शहर के साथ सहयोग से हम शहरी योजना, डिजिटल प्रशासन, बुनियादी ढांचा वित्त और सतत विकास के क्षेत्र में सर्वोत्तम अनुभव अपनाने में सक्षम होंगे।
