संजय राउत व रितु तावड़े (डिजाइन फोटो)
Ritu Tawde Vs Sanjay Raut: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर राजनीति का केंद्र ‘मीठी नदी’ बन गई है। लेकिन इस बार मुद्दा सिर्फ सफाई का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर छिड़ी एक तीखी जंग का है। शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता संजय राउत द्वारा किए गए एक व्यंग्यात्मक पोस्ट ने भाजपा को हमलावर होने का मौका दे दिया है, जिसके बाद मुंबई नगर निगम (BMC) के पिछले 25 सालों के कामकाज पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
मामले की शुरुआत तब हुई जब संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुंबई महानगरपालिका के शासन पर निशाना साधा। उन्होंने चुटकी लेते हुए लिखा कि “मीठी नदी नाले में दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार मिला है!” राउत ने आगे कटाक्ष किया कि भाजपा को इसे तुरंत ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ घोषित कर देना चाहिए ताकि लोगों को मुफ्त LPG मिल सके। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बस इसके लिए लोगों को अपनी नाक बंद करके सांस लेनी होगी।
ब्रेकिंग: मिठी नदी नाले में दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार मिला!
BJP ने मांग की – इसे तुरंत ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ घोषित किया जाए।
अब LPG फ्री मिलेगा… बस नाक बंद करके साँस लो! 😂#MithiGas #राष्ट्रीयनाला” pic.twitter.com/tdgHbwSdMe — Sanjay Raut (@rautsanjay61) March 14, 2026
संजय राउत के इस पोस्ट पर मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे मुंबईवासियों के साथ भद्दा मजाक बताते हुए उद्धव ठाकरे की पार्टी पर सीधा हमला बोला। तावड़े ने आरोप लगाया कि पिछले 25 सालों से मुंबई नगर निगम पर कब्जा जमाए बैठे इन नेताओं ने मुंबई की प्राकृतिक नदियों को ‘खुले गटर’ में तब्दील कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राउत जिसे ‘प्राकृतिक संपदा’ कह रहे हैं, वह दरअसल उनकी नाकामी और वसूली के लिए जमाए गए शिकंजे का नतीजा है।
रितु तावड़े ने लिखा कि “मुंबई वालों, अब तो आँखें खोलो! आजकल यह अफवाह जोरों पर है कि मीठी नदी में दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है; लेकिन इसकी असलियत क्या है? पिछले 25 सालों से मुंबई नगर निगम पर कब्जा जमा कर बैठी ‘पेंगुइन सेना’ ने मुंबई की नदियों को खुले गटर में बदल दिया है। यह किस तरह की ‘प्राकृतिक संपदा’ है? असल में, यह तो उनकी नाकामी और वसूली के लिए जमाए गए उनके शिकंजे का ही नतीजा है।”
मुंबईकरांनो, आता तरी डोळे उघडा! आज मिठी नदीत जगातला सर्वात मोठा नैसर्गिक वायूचा साठा सापडल्याच्या वावड्या उठत आहेत, पण वास्तव काय आहे? गेली २५ वर्षे मुंबई महापालिकेच्या सत्तेवर बसलेल्या ‘पेंग्विन सेने’ने मुंबईच्या नद्यांना उघडी गटारं करून सोडलंय. ही कसली नैसर्गिक संपत्ती? हा तर… https://t.co/vqMwTTP3GU — Ritu Tawde (@TawdeRitu) March 14, 2026
बीएमसी मेयर ने आगे लिखा कि मीठी नदी की सफाई और उसे चौड़ा करने के नाम पर ‘ब्रीमस्टोवाड’ प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर आज तक हज़ारों करोड़ रुपये पानी की तरह बह गए। फिर भी, हर मॉनसून में मुंबई में बाढ़ क्यों आती है? क्योंकि इस पैसे का इस्तेमाल कभी भी मुंबई वालों की भलाई के लिए नहीं किया गया; बल्कि यह सीधे ‘मातोश्री’ के चहेते ठेकेदारों की तिजोरियों में चला गया।
तावड़े ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रहे हैं और उज्ज्वला योजना के जरिए हर घर तक गैस कनेक्शन पहुंचा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यहां मुंबई में सत्ता के नशे में चूर इन नेताओं ने प्राकृतिक जलस्रोतों को सचमुच ‘गैस चैंबर’ में बदल दिया है। मीठी नदी से अभी जो गैस निकल रही है, वह उनकी भ्रष्टाचार की गंदगी के अलावा और कुछ नहीं है।
रितु तावड़े ने बिना नाम लिए आदित्या ठाकरे पर निशाना साधा उन्होंने लिखा कि मीठी नदी के आस-पास रहने वाले लाखों मुंबई वासी इस जानलेवा बदबू के कारण सांस की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ये नेता जो खुद को ‘पर्यावरण प्रेमी’ बताते हैं तब कहां थे, जब यह सब हो रहा था? 25 सालों में एक भी नदी को साफ न कर पाना सत्ता में रहते हुए उनकी सबसे बड़ी नाकामी है।
मुंबई मेयर ने कहा कि हम इस ‘मीठी घोटाले’ की पूरी और निष्पक्ष जांच करवाएंगे। यह कोई प्राकृतिक गैस का भंडार नहीं है; बल्कि यह तो शिवसेना (UBT) के भ्रष्टाचार का एक जीता-जागता स्मारक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और नेतृत्व में, हम मुंबई को इस बदबू और भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। नाक बंद करके जीने के दिन अब लद गए; अब भ्रष्टाचार को दफनाने का समय आ गया है।