मुंबई स्थित महाराष्ट्र का मंत्रालय
Mumbai Mantralaya Security: मुंबई स्थित महाराष्ट्र का प्रशासनिक केंद्र, ‘मंत्रालय’ अब और भी अधिक सुरक्षित और चौकस हो गया है। संभावित आतंकवादी खतरों और सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद, राज्य सरकार ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को ‘अभेद्य कवच’ देने का फैसला किया है। अब मंत्रालय के मुख्य द्वारों पर पुलिस की सबसे घातक टुकड़ी ‘एलीट गार्ड’ (Elite Guard) के कमांडो तैनात कर दिए गए हैं।
मंत्रालय के मुख्य प्रवेश द्वार और गार्डन गेट पर तैनात ये कमांडो किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। आंखों पर काला चश्मा, हाथ में एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार और ट्रिगर पर उंगली ये इनकी पहचान है।
मुंबई में संवेदनशील ठिकानों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मंत्रालय की सुरक्षा को तीन स्तरों (Triple Layer Security) में बांट दिया है। अब मंत्रालय के भीतर और बाहर हर संदिग्ध हलचल पर ये प्रशिक्षित कमांडो नजर रख रहे हैं। सुरक्षा कारणों से अब ‘एलीट पुलिस फोर्स’ को यहाँ स्थायी रूप से तैनात कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: मुंबई BEST बस हादसा: 10 साल बाद ड्राइवर को मिली राहत, कोर्ट ने कहा- सिर्फ अनुमान के आधार पर दोषी नहीं मान सकते
सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक और बड़ी खबर महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) से आ रही है। आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद (Terror Funding) मुहैया कराने के मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में छापेमारी की है। एटीएस की टीम ने आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला में संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस को डॉ. आरिफ अंसारी और उनके बेटे अबू बक्र पर आतंकी फंडिंग में शामिल होने का संदेह है।
छापेमारी के दौरान संदिग्धों के घर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं। एटीएस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या विदेशों से हवाला के जरिए पैसा भेजा जा रहा था या किसी प्रतिबंधित संगठन के साथ इनके संबंध हैं। महाराष्ट्र और वाराणसी एटीएस की यह संयुक्त कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।