-अरविंद सिंह
मुंबई: मालाबार हिल्स (Malabar Hills) के रिहायशी इलाके और गिरगांव चौपाटी (Girgaum Chowpatty) के निकट एक छोटी पहाड़ी पर स्थित भगवान शंकर के बाबुलनाथ मंदिर (Babulnath Temple) को महाशिवरात्रि (Mahashivratri) में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ भव्य सजाया गया है। 300 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में सैकड़ों की संख्या में हर दिन श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। महाशिवरात्रि के दिन यहां लाखों की संख्या में भक्त दर्शन करते हैं।
बाबुलनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक मुकेश कनौजिया (Mukesh Kanojia) ने बताया कि मंदिर में कई दिनों से फूल और चावल की रंगोली बनाई जा रही हैं। सोमवार के दिन फूलों की रंगोली बनाई गई और सोमवार की मध्यरात्रि को महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ 12:01 बजे खोल दिए गए और अगले दिन मंगलवार को रात्रि 10:00 बजे तक मंदिर बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में चार प्रहर की पूजा रात्रि 12:00 से सुबह 4:00 बजे तक होगी, इसे यू-ट्यूब, माई दर्शन और जिओ टीवी पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
मुकेश ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन करीब 250 पुलिस वालों की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई है। इसके अलावा मंदिर प्रबंधन की ओर से 100 सुरक्षा गार्ड और 100 वालंटियर्स लगाए गए हैं।
मुकेश ने बताया कि कोविड-19 का पालन करते हुए प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंदिर में भक्तों को माला फूल, बेलपत्र जल, दूध आदि चढ़ावे के रूप में लाने पर रोक लगाई गई है। मंदिर के गर्भ गृह के बाहर से ही दर्शन की अनुमति होगी। पूजा-आरती आदि भी श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे। सिर्फ कतारबद्ध तरीके से दर्शन की अनुमति रहेगी। श्रद्धालुओं को प्रांगण में बैठने की भी अनुमति नहीं है। प्रबंधन ट्रस्ट की ओर से दर्शनार्थियों को नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
महाशिवरात्रि के दिन पहली आरती सुबह 5:00 से 6:00 बजे तक होगी। दूसरी आरती दोपहर 12:00 से 1:30 बजे और तीसरी व आखिरी आरती रात 8:00 से 8:30 बजे तक होगी।
मंदिर में लाल बहादुर त्रिपाठी, दिलीप टक्कर और अशोक द्विवेदी तीन प्रमुख पुजारी हैं। इसके अलावा 9 सहयोगी पुजारी भी हैं। मंदिर की व्यवस्था को संभालने के लिए करीब 40 कर्मचारियों का स्टाफ है।