सावधान मुंबई! Mahanagar Gas बिल के नाम पर नया ‘APK Scam’, एक क्लिक और बैंक खाता खाली, जानें कैसे बचें?
MGL Bill Scam: मुंबई में महानगर गैस (MGL) के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी! ठग APK फाइल भेजकर लोगों का फोन हैक कर रहे हैं। जानें मुलुंड और मालाड के इन डरावने मामलों की सच्चाई।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Mahanagar Gas Scam: अगर आप भी मुंबई में रहते हैं और महानगर गैस लिमिटेड (MGL) के कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। मायानगरी में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका खोज निकाला है। गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने का डर दिखाकर ये ठग अब तक मुंबईकरों से 1 करोड़ रुपए से अधिक की चपत लगा चुके हैं।
युद्ध के डर का फायदा उठा रहे ठग
हैरानी की बात यह है कि ये साइबर अपराधी वैश्विक हालातों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण गैस सप्लाई को लेकर जो अनिश्चितता बनी है, ठग उसी का फायदा उठा रहे हैं। वे खुद को MGL का अधिकारी बताकर लोगों को पैनिक मैसेज भेजते हैं, जिससे घबराकर लोग बिना सोचे-समझे कदम उठा लेते हैं।
केस 1: मुलुंड के व्यापारी को लगी 11.82 लाख की चपत
मुलुंड पश्चिम के रहने वाले 20 वर्षीय व्यापारी मितुल दोषी इस गिरोह का ताजा शिकार बने हैं। मितुल को एक मैसेज मिला कि उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। डर के मारे उन्होंने तुरंत 1150 रुपए का भुगतान किया। लेकिन खेल यहाँ खत्म नहीं हुआ। ठग ने फोन कर ‘बिल अपडेट’ करने के बहाने एक APK फाइल भेजी। जैसे ही मितुल ने वह फाइल डाउनलोड की, ठगों ने उनके फोन का एक्सेस ले लिया और देखते ही देखते बैंक खाते से 11.82 लाख रुपए साफ कर दिए।
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केस 2: बुजुर्ग के साथ 10 रुपए के नाम पर 8.59 लाख की ठगी
मालाड पूर्व में भी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को इसी तरह निशाना बनाया गया। ठगों ने सिर्फ 10 रुपए का ट्रांजैक्शन अपडेट करने के बहाने व्हाट्सऐप पर एक फाइल भेजी। बुजुर्ग ने जैसे ही उस फाइल को इंस्टॉल किया, महज 20 मिनट के भीतर उनके खाते से 8.59 लाख रुपए निकाल लिए गए।
कैसे काम करता है यह ‘APK Scam’?
- पुलिस के अनुसार, यह एक बहुत ही सुनियोजित साजिश है।
- डर पैदा करना: सबसे पहले यूजर को कनेक्शन कटने का डरावना मैसेज भेजा जाता है।
- भरोसा जीतना: फिर ठग कॉल करके खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हैं।
- मालवेयर का जाल: वे एक APK (Android Package Kit) फाइल भेजते हैं। यह कोई ऐप नहीं बल्कि एक ‘मालवेयर’ होता है।
- पूरा एक्सेस: इंस्टॉल होते ही यह फाइल आपके ओटीपी (OTP), बैंक डिटेल्स और फोन के हर मैसेज को ठगों तक पहुंचा देती है।
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सुरक्षित कैसे रहें?
- मुंबई साइबर पुलिस ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
- APK फाइल कभी न डाउनलोड करें: कोई भी आधिकारिक गैस कंपनी या बैंक कभी भी व्हाट्सऐप पर फाइल भेजकर अपडेट नहीं मांगता।
- ऑफिशियल प्लेटफॉर्म का उपयोग: बिल भुगतान के लिए केवल MGL की आधिकारिक वेबसाइट या ‘MGL Connect’ ऐप का ही इस्तेमाल करें।
- अनजान लिंक से बचें: किसी भी रैंडम लिंक पर क्लिक न करें।
- यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
