ईरान में जमीनी कार्रवाई करेगा अमेरिका! US सेंट्रल कमांड का दावा, जापान से 3,500 सैनिक पहुंचे मिडिल ईस्ट

US-Iran War: मिडल ईस्ट में तनाव के बीच 3,500 सैनिकों के साथ USS Tripoli की तैनाती ने हलचल मचा दी है। ईरान के हमलों में 300 से अधिक अमेरिकी सैनिकों के घायल होने के बाद युद्ध की आशंका गहरा गई है।
3,500 US Troops Arrived Gulf
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 3,500 सैनिक तैनात किए (सोर्स- सोशल मीडिया)
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3,500 US Troops Arrived Gulf: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को बताया कि USS Tripoli (LHA-7) पर तैनात अमेरिकी सैनिक 27 मार्च को उसके जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंच गए हैं। यह उभयचर (एम्फीबियस) असॉल्ट शिप लगभग 3,500 सैनिकों के साथ ट्रांसपोर्ट और स्ट्राइक फाइटर एयरक्राफ्ट, साथ ही कई सामरिक सैन्य संसाधनों से लैस है। इन तैनाती के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

यूएसएस त्रिपोली पर सवार 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट पहले जापान में तैनात थी और ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास कर रही थी। जानकारी के मुताबिक, करीब दो सप्ताह पहले ही इस यूनिट को पश्चिम एशिया में तैनात होने का आदेश दिया गया।

 ईरान के हमलों में अमेरिकी सैनिक घायल

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के साथ जारी संघर्ष में 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। इस सप्ताह प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए हमले में दो दर्जन से अधिक सैनिक घायल हुए। शुक्रवार को ईरान ने इस एयरबेस को निशाना बनाते हुए छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।

क्या है अमेरिका का आधिकारिक रुख?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका अपने उद्देश्यों को “थल सेना के बिना भी” हासिल कर सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विभिन्न संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाएं राष्ट्रपति को अधिकतम विकल्प उपलब्ध कराने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

300 से अधिक सैनिक घायल

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी थी कि पिछले एक महीने के दौरान 300 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से ज्यादातर सैनिक इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं। हालांकि, करीब 30 सैनिक अब भी सेवा के लिए फिट नहीं माने गए हैं और उनका उपचार जारी है। वहीं, लगभग 10 सैनिकों की हालत गंभीर बताई गई है, जिनका विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

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