वड़ा पाव स्टॉल (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai LPG Crisis Food Prices Rise: एलपीजी गैस संकट की आफत ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है। एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से लोग परेशान नजर आ रहे है, वही अब खाने-पीने की चीजों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चाय, वडा पाव, इडली व डोसा के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इससे आम मुंबईकरों के जेबों पर असर पड़ा है। कमर्शियल एलपीजी की कमी ने शहर के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। गैस आपूर्ति में आई इस कमी का सीधा असर खाने-पीने के कारोबार पर पड़ रहा है, जिससे न केवल मेन्यू सीमित हो गए हैं, बल्कि ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमतें भी चुकानी पड़ रही हैं।
गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते कई रेस्टोरेंट संचालकों को अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ी है। अब वे ऐसे व्यंजन ही तैयार कर रहे हैं, जिनमें कम गैस की खपत होती है। इससे ग्राहकों के पास विकल्प कम हो गए हैं।
दूसरी ओर, संचालन लागत बढ़ने के कारण खाने की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस संकट का सबसे अधिक असर छोटे होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर पड़ा है।
सीमित संसाधनों के कारण वे गैस का अतिरिक्त स्टॉक नहीं रख पाते, जिससे उनके सामने रोजाना कामकाज जारी रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई छोटे प्रतिष्ठानों ने अपने काम के घंटे घटा दिए हैं, जबकि कुछ को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ा है।
उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार प्रभावित होने की आशंका है और शहर का खाद्य व्यवसाय भी संकट में आ सकता है।
वैकल्पिक उपाय के तौर पर कुछ रेस्टोरेंट इंडक्शन कुकर या अन्य ईंधनों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन यह महंगा और सीमित विकल्प साबित हो रहा है। ऐसे में रेस्टोरेंट उद्योग सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए है, ताकि व्यवसाय फिर से पटरी पर लौट सके।
शहर में प्रतिदिन हजारों लोग सिलिंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर सुबह से कतार में खड़े होते है लेकिन कईयों को उसके बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पाता है और उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि एलपीजी की अलग कंपनी होने के नाते भी उन्हें अधिक इंतजार करना पड़ रहा है।
उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति एचपी कंपनी का ग्राहक है तो उसे सिलिंडर बुकिंग के तीन से चार दिनों में ही सिलिंडर प्राप्त हो रहा है लेकिन वही भारत गैस के ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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मैं वडा पाव, समोसा की दुकान चलाता हूं। गैस एजेंसी के पास गया लेकिन उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलिंडर के लिए हम बड़े आउटलेट जैसे मैकडोनाल्ड, डोमिनो को प्राथमिता दे रहे हैं। ऐसे में अन्य छोटे रेस्टोरेंट या फूड स्टाल को मुश्किल से ही मिल रहा है। मुझे ब्लैक में बेचने का प्रयास किया गया जहां एक कमर्शियल सिलिंडर के बदले 5 हजार रुपये की मांग की गई।
– आदर्श गुप्ता, मालाड निवासी