Mumbai Local Security Audit: DGP सदानंद दाते का बड़ा फैसला, हर 3 महीने में होगी रेलवे सुरक्षा समीक्षा
Mumbai Local Security Audit: मुंबई लोकल में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी उपनगरीय स्टेशनों का सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा।DGP सदानंद दाते ने नियमित समीक्षा बैठकों को फिर शुरू करने के निर्देश दिए।
- Written By: अपूर्वा नायक
डीजीपी सदानंद दाते ने मुंबई लोकल को लेकर कही बड़ी बात (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Local Security Audit DGP Orders: देश की आर्थिक राजधानी की लाइफ लाइन कही जाने वाली ‘मुंबई लोकल’ में सफर करने वाले, लाखों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है।
यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को मुंबई के सभी उपनगरीय स्टेशनों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट करने और पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी सुरक्षा समीक्षा बैठकों को तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया है।
हर तीन महीने में सुरक्षा समीक्षा बैठकें करना आवश्यक
यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय के उन दिशानिर्देशों के तहत लिया गया है, जिसमें हर तीन महीने में अनिवार्य सुरक्षा समीक्षा बैठकें आयोजित करना आवश्यक है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे जोन, खुफिया एजेंसियों और राज्य की आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को पहचानना और उन्हें दूर करना था, ताकि दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में यात्रियों का भरोसा और मजबूत हो सके। सुरक्षा ऑडिट के दौरान सीएसएमटी, दादर और ठाणे जैसे अधिक भीडभाड़ वाले स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस प्रक्रिया में सीसीटीवी कवरेज, प्रवेश नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की बारीकी से जांच की जाएगी।। साथ ही, ट्रेनों के भीतर और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, रनिरंतर समीक्षा और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ही यात्रियों की सुरक्षा की असली गारंटी है। इस नई पहल का एक प्रमुख हिस्सा सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बीच समन्वय को सुधारना है।
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एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा नियमित ऑडिट
- अक्सर इन दोनों बलों के बीच कार्यक्षेत्र को लेकर होने वाली उलझनों को समाप्त कर संचार तंत्र को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
- प्रतिदिन 70 लाख से अधिक यात्रियों का बोझ उठाने वाली मुंबई लोकल के लिए, यह नियमित ऑडिट एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में मदद मिलेगी।
