

विले पार्ले स्थित केवीआईसी मुख्यालय परिसर में खादी महोत्सव 31 अक्टूबर तक चलेगा।
12 राज्यों की 77 इकाइयां हिस्सा ले रही हैं; खादी पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% छूट मिलेगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और 2.04 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला।
Big Discounts On Khadi Products: खादी को युवाओं की पसंद और आधुनिक फैशन से जोड़ने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने मुंबई में खादी महोत्सव-2026 का आयोजन शुरू किया है।
विले पार्ले स्थित केवीआईसी मुख्यालय परिसर में आयोजित यह महोत्सव 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें देश के 12 राज्यों की 77 इकाइयां भाग ले रही हैं और खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत व ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है।
मुंबई में आयोजित खादी महोत्सव-2026 का उद्घाटन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उन्होंने जोर दिया कि खादी को आधुनिक फैशन और युवाओं की पसंद से जोड़ने के लिए नए विचारों तथा तकनीक का उपयोग जरूरी है। गोयल के अनुसार, जेन-जी की रचनात्मकता, तकनीकी समझ और उद्यमशीलता स्वदेशी आंदोलन को नई दिशा दे सकती है। युवाओं की भागीदारी से खादी उत्पादों को नए बाजार मिल सकते हैं और स्थानीय कारीगरों व उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
महोत्सव में 77 स्टॉल लगाए गए हैं, जिन पर खादी वस्त्र, सिल्क खादी, रेडीमेड परिधान, हर्बल उत्पाद, खाद्य सामग्री, अगरबत्ती, मसाले, चमड़े के सामान, कृत्रिम आभूषण, लकड़ी के खिलौने और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित व बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इसमें गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र राज्य, राजस्थान सहित 12 राज्यों की इकाइयां भाग ले रही हैं।
गोयल ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का प्रतीक बनाया था। आज आवश्यकता है कि आधुनिक डिजाइन, आकर्षक ब्रांडिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे युवाओं की पहली पसंद बनाया जाए। इसी दिशा में केवीआईसी ने युवाओं को खादी की विरासत, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए बात खादी की पॉडकास्ट भी शुरू किया है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा और इससे 2.04 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि यह क्षेत्र शीघ्र ही 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य तक पहुंचेगा।