

तीन हजार करोड़ रुपये का बजट रखने वाली मनपा के साधारण स्टॉल पर महापौर समीर राजूरकर ने नाराजगी जताई।
महापौर के निर्देश पर आधी रात तक स्टॉल की व्यवस्था में बदलाव किया गया।
दो बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना, गुंठेवारी, कचरा प्रबंधन और संपत्ति कर सहित प्रमुख सेवाओं की जानकारी दिखाई जाएगी।
Sambhajinagar Municipal Corporation Stall: तीन हजार करोड़ रुपये का बजट रखने वाली छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका का स्टॉल दूसरे संस्थानों के सामने फीका क्यों दिख रहा है? क्रेडाई की संपत्ति प्रदर्शनी में मनपा की साधारण प्रस्तुति देखकर महापौर समीर राजूरकर ने अधिकारियों से यह सवाल किया।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। खास बात यह रही कि महापौर केवल आदेश देकर नहीं लौटे, बल्कि आधी रात तक मैदान पर रुककर स्टॉल का स्वरूप बदलवाया।उनकी इस पहल से अधिकारियों को मनपा की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का स्पष्ट संदेश मिला।
जाबिंदा मैदान पर बुधवार, 14 अक्टूबर की रात क्रेडाई की संपत्ति प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के बाद महापौर राजूरकर ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान मनपा के स्टॉल की तुलना पास में बने सीएसएमआरडी के भव्य स्टॉल से हुई। मनपा की प्रस्तुति साधारण दिखाई देने पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
महापौर समीर राजूरकर ने नगर रचना विभाग के अधिकारियों को तत्काल बुलाकर स्टॉल को आकर्षक और जानकारीपूर्ण बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद रात में ही आवश्यक सामग्री जुटाकर स्टॉल की व्यवस्था में बदलाव किया गया।
संशोधित स्टॉल में दो बड़ी स्क्रीन के माध्यम से मनपा की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दिखाई जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना, गुंठेवारी प्रक्रिया, ठोस कचरा प्रबंधन, संपत्ति कर निर्धारण और कर वसूली सहित प्रमुख नागरिक सेवाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।
प्रदर्शनी में मकान, सदनिका और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदने के इच्छुक नागरिकों की बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है। छत्रपति संभाजीनगर मनपा इस अवसर का उपयोग अपनी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए करेगी।
महापौर राजूरकर ने स्टॉल में जरूरी बदलाव पूरे होने तक मैदान नहीं छोड़ा। उनकी सक्रियता ने यह संदेश दिया कि तीन हजार करोड़ रुपये का बजट रखने वाली मनपा की प्रस्तुति भी भव्य, व्यवस्थित और नागरिकों के लिए उपयोगी होनी चाहिए।