प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Judge Bribery Case: मुंबई में 25 लाख की रिश्वतखोरी के एक मामले में आरोपी बनाए गए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के चर्चगेट स्थित सरकारी आवास पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम तलाशी के लिए पहुंची तो पाया कि उनके घर का दरवाजा बंद है।
इसके बाद टीम ने घर का ताला सील कर दिया और बाहर एक कांस्टेबल तैनात कर दिया है। ताकि उनके आने पर घर की तलाशी ली जा सके। जांच एजेंसी ने जज को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क किया है। अनुमति मिलते ही उन्हें हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।
एसीबी ने गिरफ्तार क्लर्क वासुदेव के उरण स्थित आवास की तलाशी ली है। सूत्रों ने बताया कि वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। एसीबी के अनुसार, न्यायाधीश को कार्रवाई के अगले दिन अदालत जाने तक इस बात की जानकारी नहीं थी।
उनके क्लर्क-सह-टाइपिस्ट चंद्रकांत वासुदेव को एसीबी ने उनके इशारे पर, कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यही कारण है कि उन्होंने अदालत जाने से पहले सुबह क्लर्क को, मोबाइल पर संदेश भेजा और दो-तीन बार फोन करके उसका पता पूछा था। बाद में उन्हें पता चला कि क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सूत्रों ने बताया कि क्लर्क की गिरफ्तारी के समय न्यायाधीश शहर से बाहर थे। शाम को क्लर्क वासुदेव ने उन्हें फोन करके कथित तौर पर बताया कि जिस पक्षकार के मामले की सुनवाई न्यायाधीश कर रहे थे। उससे 15 लाख रुपये की रिश्वत मिली है। इसके बाद न्यायाधीश ने क्लर्क को अगले दिन आने को कहा था।
वासुदेव पांच दिनों की पुलिस हिरासत में है और एसीबी उससे पूछताछ कर रही है। बता दें कि, शिकायतकर्ता की पत्नी ने इससे पहले 2015 में कंपनी की जमीन पर जबरन कब्जा करने के संबंध में, बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी।