Mumbai IT Professional गिरफ्तार, महिला की फर्जी पोर्न प्रोफाइल बनाकर किया उत्पीड़न

Mumbai IT Professional Arrested Case: मुंबई में एक IT प्रोफेशनल को महिला की फर्जी पोर्न प्रोफाइल बनाकर उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह उसी मामले में उसकी चौथी गिरफ्तारी है।
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एडवोकेट जोशुआ (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai IT Professional Case: सपनों के शहर मुंबई में मानवता को शर्मसार करने वाली कुछ ऐसी भी घटनाएं होती हैं जिस पर विश्वास करना मुश्किल होता है। ऐसी ही एक घटना में 42 साल के IT प्रोफ़ेशनल को गिरफ़्तार किया गया है।

उस पर आरोप है कि उसने पोर्नोग्राफ़िक वेबसाइट्स पर एक महिला की फ़ेक प्रोफ़ाइल बनाई और उसकी निजी और बिज़नेस से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। हद तो तब हो गई जब उसने यह कृत्य एक बार नहीं बल्कि बार बार किया।

शिकायतकर्ता से जुड़े मामलों में यह उसकी चौथी गिरफ़्तारी है। पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। कोर्ट ने उस Mumbai IT Professional को पुलिस रिमांड के बाद जेल रिमांड पर भेज दिया है। बताया गया कि उसी महिला के साथ बार-बार उत्पीड़न के मामले में आरोपी की यह चौथी गिरफ़्तारी है

माहिम पुलिस थाने का मामला

15 अप्रैल को बांद्रा कोर्ट ने 42 साल के IT प्रोफ़ेशनल, जयकुमार किशोर बिडिचंदानी को पाँच दिन की पुलिस हिरासत के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला माहिम पुलिस स्टेशन में 29 साल की एक महिला ने दर्ज कराया था। महिला का आरोप है कि आरोपी जयकुमार बिडीचंदानी ने उसके नाम से पोर्नोग्राफ़िक वेबसाइट्स पर फ़ेक प्रोफ़ाइल बनाईं और उसकी निजी और बिज़नेस से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया।

गंभीर आरोप

पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ IT एक्ट की धारा 67 और 67(A) के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता के तहत उस पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने (stalking), महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने और मानहानि के आरोप भी लगाए गए हैं।

Mumbai IT Professional Case का इतिहास

यह चौथी बार है जब बिडिचंदानी को उसी शिकायतकर्ता से जुड़े मामलों में गिरफ़्तार किया गया है। महिला की तरफ़ से केस लड़ रहे एड. जोशुआ अभय पाटनिगेरे ने कोर्ट को बताया कि "आरोपी ने बार-बार महिला के नाम से, साथ ही उसके बिज़नेस और परिवार के सदस्यों के नाम से फ़ेक प्रोफ़ाइल बनाईं। उसने इन प्रोफ़ाइल्स को पोर्नोग्राफ़िक प्लेटफ़ॉर्म्स पर अपलोड किया और उनके साथ मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारी भी डाल दी।" वकील पाटनिगेरे ने दलील दी कि आरोपी ने एक ही तरह का तरीका बार-बार अपनाया है, इसलिए छिपे हुए सबूतों को बरामद करने के लिए उससे हिरासत में पूछताछ करना ज़रूरी है। आरोपी का कृत्य आदतन अपराध की श्रेणी में आता है।

उत्पीड़न का सिलसिला

आरोपी की मुलाक़ात बांद्रा में एक सत्संग के दौरान महिला से हुई थी। जब महिला ने उसे मना कर दिया, तो उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। पहले गिरफ़्तार होने और ज़मानत मिलने के बावजूद, महिला को फिर से अश्लील ईमेल मिलने लगे, जिसके बाद इस मामले में नए सिरे से जाँच शुरू की गई।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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