रितु तावड़े (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai HPV Vaccination Drive 2026: सर्वाइकल यानी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के बढ़ रहे मामलों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस गंभीर बीमारी के खिलाफ जंग छेड़ने का फैसला किया गया है।
मुंबई में शुरूआत में 14 से 15 साल की 1 लाख 30 हजार लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अभियान के पहले चरण की शुरुआत हो गई है। बीएमसी स्कूलों के छात्राओं को वैक्सीन की डोज दी जाएगी। शनिवार को मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में एक 14 साल की लड़की को एचपीवी वैक्सीन की डोज दी गई।
यह अभियान केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार लड़कियों की सेहत की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। लड़कियों को डॉक्टर की मौजूदगी में और जरूरी मेडिकल जांच के बाद वैक्सीन लगाई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने मुंबई समेत पूरे राज्य के लिए इस मुहिम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुंबई की महापौर रितु तावड़े और उप महापौर संजय घाडी भी मौजूद थे। इसके अलावा कई गणमान्यों ने इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर से पूरे देश में एक साथ एचपीवी टीकाकरण मुहिम की शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीसी के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी परिवार में मां बीमार पड़ जाती है, तो पूरा घर बिखर जाता है। यदि मां स्वस्थ है, तो परिवार किसी भी संकट का सामना कर सकता है। इसी भावना से सरकार महिलाओं की मदद के लिए कई स्कीमें लागू कर रही है।
नायर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि माता-पिता के लिए वैक्सीनेशन के बारे में जागरूक होना चाहिए। बेटियों को समय पर वैक्सीन लगवाना जरूरी है। यह मुहिम शहर के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों और हेल्थ सेंटर्स में भी चलाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों से इसका फायदा उठाने की अपील की गई है।
एचपीवी एक वायरस है जिससे सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। इसलिए 9 से 14 साल की लड़कियों को यह वैक्सीन देने की सलाह दी गई है। अब से बीएमसी के स्कूलों में पढ़ने वाली 24,936 छात्राओं को वैक्सीन लगाई जाएगी। अगले चरण में निजी और अनुदानित स्कूलों की छात्रात्रों को मुहिम में शामिल किया जाएगा। यह वैक्सीनेशन पूरी तरह से वॉलंटरी होगा और वैक्सीनेशन के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी होगी।
जो लाभार्थी वैक्सीन ले रहे हैं, उन्हें बाएं हाथ की मसल में गार्डासिल 4 वैक्सीन की एक 0।5 एमएल डोज दी जाएगी। टीकाकरण के बाद, उंगली पर मार्कर से एक निशान लगाया जाएगा। टीके के बाद हल्का बुखार, सिरदर्द या इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन होने की संभावना होती है। लेकिन ये आमतौर पर 2-3 दिनों में ठीक हो जाते हैं। हर सेंटर पर साइड इफेक्ट्स को मैनेज करने के लिए मेडिकल स्टाफ मौजूद है।
सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा की सतह पर शुरू होने वाला कैंसर है। यह तब होता है जब गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाएं कैसर-पूर्व कोशिकाओं में बदलने लगती है। नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की जांच और एचपीवी का टीका लगवाकर सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।
– प्रकाश आबिटकर, स्वास्थ्य मंत्री
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बीएमसी को अभी राज्य सरकार से एचपीवी वैक्सीन की 20,160 डोज मिली हैं। यह अभियान स्कूली शिक्षा विभाग, महिला व बाल कल्याण विभाग और दूसरे संबंधित विभागों के साथ मिलकर चलाया जाएगा। मुहिम को सफलतापूर्वक चलाने के लिए 262 मेडिकल ऑफिसर, 1,008 नर्स और 4,428 आशा और हेल्थ वॉलंटियर को ट्रेनिंग दी गई है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए स्वप्निल शिंदे की रिपोर्ट