Mumbai High Court News: मुंबई उच्च न्यायालय ने सेटलमेंट योजना में करदाताओं को पूरा रिफंड देने का बड़ा फैसला सुनाया है। इस निर्णय से पुराने कर बकाया मामलों में राहत मिलने की संभावना है।
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अमनेस्टी या सेटलमेंट योजना के तहत बकाया निपटान के लिए करदाता द्वारा आवेदन करने के बाद सरकार को उनके पुराने कर रिफंड को नए कर बकाया से सेट ऑफ करने का अधिकार नहीं है।
इस निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य के हजारों करदाताओं को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। न्यायालय ने यह निर्णय एक मामले की सुनवाई के दौरान सुनाया, जिसमें प्रेसिडेंट ट्रेड एंड एक्ज़िम कॉर्पोरेशन ने याचिका दाखिल की थी।
न्यायालय ने कहा कि सेटलमेंट या अमनेस्टी योजना एक स्वतंत्र कानून है। एक बार करदाता ने इस योजना के तहत बकाया का निपटान कर लिया, तो वह बकाया से मुक्त हो जाता है।
इस निर्णय के तहत न्यायालय ने 18 अप्रैल 2024 को कर विभाग द्वारा दिया गया आदेश रद्द कर दिया।