Mumbai Heatwave Impact: श्रमिकों पर बढ़ा खतरा, मनपा अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की मांग
Mumbai Heatwave Workers Risk Hospital Beds Demand: मुंबई में बढ़ती गर्मी के बीच लू के मामलों की आशंका बढ़ गई है। श्रमिकों की स्थिति को देखते हुए मनपा अस्पतालों में विशेष बेड आरक्षित करने की मांग उठी।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई हीटवेव वर्कर्स हेल्थ रिस्क (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Heatwave Workers Risk: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ खासकर श्रमिक वर्ग को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने हालात और कठिन बना दिए हैं।
खुले में काम करने वाले निर्माण मजदूर, सड़क सफाई कर्मचारी और अन्य दैनिक वेतनभोगी श्रमिक इस भीषण गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय तक धूप में काम करने के कारण उन्हें लू लगने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
लक्षणों में बढ़ोतरी की आशंका
लू (हीटस्ट्रोक) के कारण चक्कर आना, उल्टी होना, अत्यधिक कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई श्रमिक रोज़गार छूटने के डर से इन लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
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अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की मांग
इस स्थिति को देखते हुए सचिन पडवल ने मनपा प्रशासन से मांग की है कि लू से पीड़ित मरीजों के लिए प्रमुख अस्पतालों में अलग बेड आरक्षित किए जाएं।
प्रमुख अस्पतालों का किया गया उल्लेख
उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त को दिए गए निवेदन में केईएम अस्पताल, सायन अस्पताल, नायर अस्पताल और कूपर अस्पताल सहित उपनगरों के अस्पतालों में भी ऐसी व्यवस्था करने की बात कही है।
मूलभूत सुविधाओं की कमी पर चिंता
पडवल ने कहा कि कई कार्यस्थलों पर छाया और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे श्रमिकों की हालत और खराब हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में भी तत्काल कदम उठाने की मांग की।
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समय रहते कदम उठाने की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार और सावधानी बरतने से लू जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। ऐसे में अस्पतालों में पहले से तैयारी और जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है।
