

Mumbai Flex Free Campaign Mayor Ritu Tawde: मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के बाद अब मुंबई को पूरे साल अवैध पोस्टर और बैनरों से मुक्त रखने की तैयारी शुरू हो गई है।
मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने 'शाडू बप्पा दस दिन फ्लेक्स मुक्त मुंबई 365 दिन' अभियान की घोषणा करते हुए अनधिकृत पीवीसी फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर और स्टिकर के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करने की पहल की है। महापौर ने इस संबंध में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र भेजा है।
मुंबई में सार्वजनिक स्थानों और इमारतों पर बिना अनुमति लगाए जाने वाले विज्ञापन बोर्ड न केवल शहर के सौंदर्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि पर्यावरण और यातायात व्यवस्था के लिए भी समस्या बनते हैं। इसे रोकने के लिए अब अनुमति प्राप्त प्रत्येक बैनर और विज्ञापन पर लाइसेंस नंबर, वैधता अवधि, प्रिंटर का नाम और क्यू आर कोड अनिवार्य किया जाएगा।
नागरिक और महानगरपालिका के गश्ती दल क्यू आर कोड स्कैन कर यह पता लगा सकेंगे कि संबंधित विज्ञापन को अनुमति मिली है या नहीं। बिना क्यू आर कोड वाले लगे बोर्ड को अनधिकृत मानकर तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। प्रिंटर और एजेंसियों पर भी कार्रवाई बार-बार अनधिकृत फ्लेक्स और पोस्टर छापने वाले प्रिंटर, ठेकेदारों और एजेंसियों पर सिर्फ जुर्माना लगाने के बजाय उन्हें स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव है। एजेंसियों को पीवीसी के स्थान पर कपड़े, पर्यावरण अनुकूल सामग्री और डिजिटल एलईडी माध्यमों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत कार्यरत 1,700 से अधिक आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों के आंदोलन को अब महापौर रितू तावड़े का समर्थन मिला है।
विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आजाद मैदान में चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को महापौर ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए महानगरपालिका गंभीरता से प्रयास करेगी।
महापौर रितू तावड़े ने अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) को पत्र भेजकर मांगों पर जल्द निर्णय लेने के निर्देश भी दिए है। पत्र में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अनुभवी आउटसोर्स कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने के लिए एकमुश्त नीति बनाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने, महिला कर्मचारियों को सवेतन मातृत्व अवकाश,
दिवाली सानुग्रह अनुदान, समय पर पीएफ और ईएसआईसी का लाभ तथा वेतन में देरी करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। कर्मचारियों के लिए शिकायत निवारण समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। महापौर ने कहा कि कोविड काल में कर्मचारियों ने दिन-रात मुंबईकरों की सेवा की और उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
अभियान को राजनीतिक समर्थन दिलाने के लिए महापौर खुद सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को पत्र लिखेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई में किसी तरह का राजनीतिक भेदभाव नहीं होगा, दोषियों के खिलाफ महानगरपालिका अधिनियम की धारा 328/328(ए) और महाराष्ट्र संपत्ति विद्रूपीकरण प्रतिबंध अधिनियम, 1995 के तहत कार्रवाई होगी।
जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। महापौर की अध्यक्षता और विधायक अमित साटम की प्रमुख उपस्थिति में जल्द ही प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। नागरिक 1916 हेल्पलाइन, माई बीएमसी ऐप और बीएमसी की वेबसाइट से शिकायत कर सकेंगे और अधिकतम 72 घंटे में कार्रवाई का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई बीएमसी की मौजूदा आउटडोर विज्ञापन नीति में सुधार कर सभी अनुमतियां सिंगल विंडो डिजिटल प्रणाली से जारी करने की योजना है। इससे अनधिकृत विज्ञापनों के कारण होने वाले लाइसेंस राजस्व के नुकसान को रोकने के साथ मनपा की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।