निवेशकों से 10 करोड़ की ठगी मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई, मुंबई-नाशिक में 3 जगह छापेमारी
Mumbai Police की आर्थिक अपराध शाखा ने निवेश धोखाधड़ी मामले में मुंबई और नाशिक में तीन स्थानों पर छापेमारी की। आरोपियों ने 50% वार्षिक रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai EOW Investment Fraud Case: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मुंबई और नाशिक में 3 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की है।
यह छापेमारी एक बड़े निवेश धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में की गई, जिसमें कथित तौर पर 150 से अधिक निवेशकों को 50 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न और 5 साल के भीतर निवेश को दोगुना करने का वादा करके 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी।
मामला नियोग्रीन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जहां आरोपियों सचिन फडतारे और निखिल शेलार ने निवेशकों को मोरिंगा पाउडर के उत्पादन निर्यात के नाम पर लुभावने वादे किये।
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रकम को दो गुना करने का दिया झांसा
उन्होंने 50 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न और 5 साल में निवेश को ढाई गुना करने का झांसा दिया। सायन की रहने वाली आरती कौस्तुभ ठाकरे ने दिसंबर 2022 में इस योजना में 5 लाख रुपये, उनके पति ने 1 लाख और मां ने 2 लाख रुपये निवेश किए।
कंपनी ने नकद निवेश पर जोर दिया और समझौता भी कराया, लेकिन 2025 में जारी चेक बाउंस हो गए और संपर्क टूट गया। आरती ठाकरे की शिकायत के बाद शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई।
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छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे
- ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि कई अन्य निवेशक भी ठगे गए थे। छापेमारी में धोखाधड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए, जो मामले को मजबूत बनाएंगे। हालांकि आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस उनका पीछा कर रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अन्य पीड़ितों से संपर्क कर रही है।
- यह कार्रवाई दिखाती है कि मुंबई पुलिस निवेशकों की सुरक्षा के प्रति सजग है। ऐसे फर्जी उच्च-रिटर्न स्कीमों के खिलाफ त्वरित एक्शन से आम लोगों का भरोसा मजबूत होगा ईओडब्ल्यू की यह सफलता अन्य धोखेबाजों के लिए चेतावनी है कि कानून से बचना मुश्किल है। पीड़ितों को आगे आने और शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है ताकि सभी को न्याय मिल सके।
