Mumbai में नाले सफाई पर संकट: मीठी नदी की सफाई में देरी से बढ़ी चिंता, बीएमसी की तैयारी पर उठे सवाल
Mumbai में मानसून से पहले नाले और मीठी नदी की सफाई धीमी रफ्तार से चल रही है। अब तक लक्ष्य का सिर्फ 4% काम पूरा हुआ है, जिससे जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई BMC AI डिसिल्टिंग प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Drain Cleaning Delay: शहर में आगामी मानसून से पहले नालों और मीठी नदी की सफाई को लेकर बीएमसी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
इस वर्ष बीएमसी ने 31 मई तक शहरभर के नालों और मीठी नदी से करीब 9 लाख मीट्रिक टन गाद (सिल्ट) हटाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार चिंता का कारण बन रही है।
Mumbai में सफाई अभियान की शुरुआत इस बार देरी से हुई। जहां आमतौर पर यह काम फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू हो जाता है, वहीं इस वर्ष यह 14 मार्च से शुरू किया गया। नतीजतन, काम पूरा करने के लिए उपलब्ध समय काफी कम रह गया है। स्थिति यह है कि शुरुआत के लगभग दो हफ्तों में कुल लक्ष्य का सिर्फ 4 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका है।
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Mumbai के नालों और मीठी नदी से गाद हटाना बेहद जरूरी
अब तक करीब 32,693 मीट्रिक टन गाद ही निकाली गई है। काम में देरी के पीछे मुख्य वजह ठेकेदारों से जुड़े विवाद और प्रक्रियागत अड़चनें बताई जा रही हैं। पिछले साल सामने आए कथित घोटाले के बाद कई ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया था, जिसके चलते नए ठेके देने में देरी हुई।
इसका सीधा असर इस साल के सफाई अभियान पर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नालों और नदी से गाद हटाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे बारिश के दौरान पानी के बहाव में रुकावट नहीं आती।
🔹Brihanmumbai Municipal Corporation has commenced desilting work at five locations under all three packages of the Mithi River project. Additionally, drain-cleaning operations are underway across Mumbai City, as well as the Eastern and Western Suburbs. Additional Municipal… pic.twitter.com/kNlILQiilw — माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) April 3, 2026
खासकर मीठी नदी, जो Mumbai के ड्रेनेज सिस्टम का अहम हिस्सा है, उसकी समय पर सफाई न होने पर शहर में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बीएमसी प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाने का दावा किया है। काम की निगरानी के लिए रीयल-टाइम डैशबोर्ड शुरू किया गया है, जिसमें सफाई कार्य की फोटो और वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं।
गोवंडी में नालों की सफाई अधर में
- गोवंडी स्थित वार्ड 136 में नाले सफाई का काम अब तक शुरू नहीं नहीं किया गया है।
- स्थानीय नगरसेवक जमीर कुरैशी ने बताया कि यहां छोटे और बड़े नालों की सफाई का कार्य अब तक शुरू नहीं किया गया है।
- यह एक गंभीर व चिंताजनक बात है। उन्होंने बताया कि नालों की सफाई के कार्य के लिए ठेका 13 फरवरी को राठोड़ भाग्यजीत एंड कंपनी को दिया गया था लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
- कई बार पूछने के बाद भी ठेकेदार की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
- पुणे में मानसून ने जल्दी दस्तक दे दी है और मुंबई में भी जल्दी मानसून आ सकता है। ऐसे में अगर जल जमाव की समस्या उत्पन्न होती है तो कौन जिम्मेदार होगा।
मीठी नदी के सभी तीन चरणों में गाद 66 (डीसिल्टिंग) निकालने का काम शुरू हो गया है। गाद निकालने के कार्य के लिए तारीखवार योजना तैयार की जा रही है। यह काम कई स्थानों पर एक साथ समानांतर रूप से किया जाएगा। कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित प्रणाली को शामिल किया गया है। मीठी नदी के पूरे हिस्से में गाद निकालने का कार्य 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
– अभिजीत बांगर, अतिरिक्त मनपा आयुक्त
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14 स्थानों पर लगाए जा रहे ट्रैश बूम भी
- गाद हटाने के बाद 48 घंटे के भीतर उसके निपटारे के निर्देश दिए गए हैं। नदी और नालों में कचरा जमा होने से रोकने के लिए 14 स्थानों पर ट्रैश बूम भी लगाए जा रहे हैं।
- हालांकि, मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीएमसी तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल कर पाएगी।
- मानसून नजदीक है और यदि सफाई कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ, तो मुंबईवासियों को एक बार फिर जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
