Cyber Crime Report: क्या वाकई काबू में आ रहा है साइबर क्राइम? मुंबई पुलिस के चौंकाने आंकड़े वाले आया सामने
Mumbai News: मुंबई पुलिस की साइबर सेल के प्रयासों से 2025 में साइबर अपराध के मामलों में तीन साल बाद पहली बार गिरावट दर्ज हुई। हालांकि अपराधों की पहचान दर अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोाशल मीडिया)
Mumbai Cyber Crime Report: मुंबई पुलिस की साइबर सेल के लगातार प्रयासों के बाद अब उन्हें अपराध को नियंत्रित करने में सफलता मिलनी शुरू हो गई है। हालांकि कम पहचान दर पुलिस के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। साइबर अपराध में कई वर्षों की तीव्र वृद्धि के बाद, मुंबई पुलिस आखिरकार इनकी संख्या को कुछ हद तक कम करने में सफल रही है।
साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 2024 की तुलना में साइबर अपराध के मामलों में 259 की कमी आई है, जो तीन वर्षों में पहली गिरावट है। साइबर अपराध में कमी आना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसकी पहचान की दर अभी भी बहुत कम है। 2025 में दर्ज 4,825 मामलों में से पुलिस केवल 1,542 मामलों को ही सुलझा पाई। इन मामलों में कुल 1,410 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शेयर बाजार निवेश धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक
मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सबसे अधिक मामले शेयर बाजार निवेश धोखाधड़ी (856) से संबंधित थे। इसके बाद क्रेडिट-डेबिट कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी (655), नौकरी के प्रस्ताव से जुड़े घोटाले (303) और विभिन्न योजनाओं के तहत धोखाधड़ी (266) के मामले दर्ज किए गए।
सम्बंधित ख़बरें
लंदन-न्यूयॉर्क को टक्कर देगा मुंबई का नया गार्डन, रिलायंस ने शुरू किया काम, नीता अंबानी ने क्या कहा?
‘कमिटमेंट कर दी तो अपने आप की भी नहीं सुनता’; 6 बागी सांसदों के शिवसेना में आते ही एकनाथ शिंदे ने भरी हुंकार
ओमराजे निंबालकर और संजय जाधव की चमकी किस्मत, मंत्री पद के रूप में मिलेगा UBT से बगावत का इनाम
उद्धव ठाकरे ने बुलाई विधायकों की बैठक, 3 विधायक अनुपस्थित, ऑपरेशन टाइगर के अगले चरण की सुगबुगाहट
डिजिटल अरेस्ट घोटाले के 191 मामले दर्ज
वर्ष के दौरान अश्लील संदेशों और उत्पीड़न के कुल 252 मामले और डिजिटल अरेस्ट घोटाले के 191 मामले दर्ज किए गए, जो सबसे चर्चिता साइबर अपराधों में से एक है। साइबर अपराधियों ने इंटरनेट सुरक्षा और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के बारे में नागरिकों की जागरूकता की कमी का फायदा उठाया, जिसके कारण पिछले दशक में ऐसे मामलों में भारी वृद्धि हुई है। इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकना या सीमित करना असंभव है, इसलिए जागरूकता ही एकमात्र उपाय बन गई।
यह भी पढ़ें:- दावोस में महाराष्ट्र का डंका! पहले ही दिन में 14.5 लाख करोड़ के निवेश, मिलेगी 15 लाख नौकरियां
मुंबई पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान तेजा किए, अधिकारियों ने अकेले रहने वाले बुजुर्ग नागरिकों के घरों का दौरा करके उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में शिक्षित किया है। एक अधिकारी ने बताया कि इसके परिणामस्वरूप, 2025 में साइबर अपराध में लगभग 5% की कमी आई है।
