CSMT पर टला बड़ा रेल हादसा: एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो लोकल ट्रेनें, फेल-सेफ तकनीक ने बचाई सैकड़ों जानें

Mumbai Local Train: मुंबई CSMT पर 21 अप्रैल को दो लोकल ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आ गईं। इंटरलॉकिंग सिस्टम और मोटरमैन की सतर्कता से 100 मीटर पहले ट्रेन रुक गई और बड़ा हादसा टल गया।
A major accident was averted at Mumbai CSMT as two local trains came on the same track. Fail-safe interlocking and AWS systems prevented a head-on collision.
मुंबई रेल हादसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Mumbai Local Train Block News: 21अप्रैल को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई, जब दो लोकल ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ गईं। मध्य रेल के अनुसार उस अप्रिय घटना को टालने में इंटरलॉकिंग सिस्टम की अहम भूमिका रही। इसके साथ मोटरमैन की त्वरित प्रतिक्रिया भी सराहनीय रही। घटना के दौरान सतर्क मोटरमैन ने 100-130 मीटर पहले ही ट्रेन रोक दी।

काम आया स्वचालित "फेल-सेफ" सिस्टम

ध्यान देने योग्य है कि रेलवे की संरचना इस प्रकार से निर्मित है कि मानवीय हस्तक्षेप और स्वचालित "फेल-सेफ" सिस्टम इंटरलॉकिंग सहायक चेतावनी प्रणाली (ऑगजीलेरी वार्निंग सिस्टम) के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करते हैं।

घटना का प्रारंभिक आकलन

उस घटना का प्राथमिक मूल कारण क्षणिक रूप से स्थितिजन्य जागरूकता में चूक या मानवीय त्रुटि माना जा सकता है। हालांकि, इंटरलॉकिंग और सहायक चेतावनी प्रणाली (ऑगजीलेरी वार्निंग सिस्टम) (एडब्ल्यूएस) की "अंतर्निहित सुरक्षा", जो इलेक्ट्रॉनिक प्रहरी के रूप में कार्य करती है, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

क्या है,इंटरलॉकिंग सिस्टम

रेलवे परिचालन में प्रयुक्त एक मूलभूत सुरक्षा तंत्र है जो ट्रेनों के परस्पर टकराव को रोकने, स्टेशनों, जंक्शनों और क्रॉसिंग से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेन को "हरी बत्ती" तभी दी जाए जब आगे का मार्ग सुरक्षित हो।

यह भी सुनिश्चित करता है कि सिग्नल क्लियर होने से पहले पॉइंट्स सही ढंग से संरेखित और लॉक हों, जिससे टक्कर,पटरी से उतरने और अन्य असामान्य घटनाओं को रोका जा सके। यह एक त्रुटि-मुक्त प्रणाली (फेल-सेफ टेक्नोलॉजी) है, जिसका अर्थ है, किसी भी विफलता के परिणामस्वरूप सबसे सुरक्षित स्थिति (आमतौर पर ट्रेनों का रुकना) सुनिश्चित होती है।

तालमेल जरूरी

21 अप्रैल को घटना वाले दिन बदलापुर-सीएसएमटी लोकल गलती से प्लेटफॉर्म 5 पर पहुंच गई, जहां पहले से ही एक ट्रेन खड़ी थी। लेकिन इंटरलॉकिंग सिस्टम के सही ढंग से काम करने के कारण मोटरमैन ने लाल सिग्नल से पहले ही ट्रेन रोक दी थी, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। सतर्क चालक दल और त्रुटि-मुक्त तकनीक (फेल-सेफ टेक्नोलॉजी) के बीच तालमेल से यह सम्भव होता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com