

Central Railway RPF: मध्य रेल की आरपीएफ टीएम ने सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में चोरी-डकैती के प्रयास को विफल करते हुए एक महिला गिरोह की 9 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि ये महिलाएं ट्रेनों में चोरी की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहीं थीं उसके पहले ही आरपीएफ टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
बताया गया कि 22 अप्रैल को मध्य रेल के सोलापुर डिवीजन के कुर्डुवाड़ी स्टेशन पर तैनात क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन स्क्वाड (सीपीडीएस) टीम के हेड कांस्टेबल शिवाजी मुंडे ने तीन महिलाओं को संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा। महिलाओं से उनके ठिकाने के बारे में पूछताछ की गई और स्टेशन छोड़ने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
इन महिलाओं को 22108 लातूर एक्सप्रेस में चढ़ते हुए देखा गया, जिसके बाद सोलापुर टीम को पूरे सेक्शन में हाई अलर्ट जारी करने के लिए सूचित किया गया। समझा जाता है कि ये महिलाएं ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देने के पहले रेकी कर रही थीं। संदिग्ध महिलाएं जेउर स्टेशन पर उतर गईं, जहां से वे चोरी-डकैती करने के इरादे से 12115 सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में सवार हुईं।
आरपीएफ टीम पहले से ही सक्रिय थी और सिद्धेश्वर एक्सप्रेस के एस्कॉर्टिंग दल, जिसमें हेड कांस्टेबल हरमेंद्र प्रसाद मीना और कांस्टेबल ब्रजेश यादव शामिल थे, को संदेश दे रही थी। साथ ही, तस्वीरों, यात्रियों आदि की मदद से संदिग्धों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। सोलपुर स्टेशन पर महिला कांस्टेबल सोनम पठान सहित आरपीएफ कर्मियों की एक टीम तैयार थी, जहां सभी 9 महिला आरोपियों को हिरासत में लिया गया। 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग की ये संदिग्ध धाराशिव जिले की रहने वाली थीं।
सभी महिला आरोपियों को जीआरपी/कुर्डुवाड़ी को सौंप दिया गया।भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 310(4) (डकैती की तैयारी) के तहत अपराध संख्या 26/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है, जिसमें संदिग्धों के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। महिलाओं के इस गिरोह के संबंध में प्रासंगिक जानकारी पुणे मंडल के साथ साझा की गई है। क्योंकि इस तरह का गिरोह सोलापुर और पुणे दोनों मंडलों में सक्रिय है।