Mumbai Housing Society: कागज कम, शुल्क ज्यादा, सोसायटी का हिसाब मांगना होगा मंहगा, ₹5 प्रति पेज तय हुआ शुल्क

Cooperative Society Document Fees: सहकार विभाग ने सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के दस्तावेजों की प्रतियां लेने के लिए ₹5 प्रति पेज का शुल्क तय किया है। इस फैसले से सदस्यों की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
mumbai cooperative housing society document copy fee 5 rupees per page
गृहनिर्माण संस्थाओं के दस्तावेजएआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Co-Operative Societies Act: सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं के दस्तावेजों की प्रतियां हासिल करना अब उनके सदस्यों की जेबों पर भारी पड़ सकता है। सहकार विभाग की ओर से जारी परिपत्रक के अनुसार विभिन्न दस्तावेजों की प्रतियों के लिए प्रति पेज पांच रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।

इसके चलते सोसायटी के दस्तावेजों की प्रतियां लेने के लिए सदस्यों को अतिरिक्त राशि खर्च करनी होगी। ऐसे में डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध दस्तावेजों की पीडीएफ प्रति ई-मेल के जरिए नि:शुल्क उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

कागदपत्रों की प्रतियां निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त

महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम की धारा 154-ब-8 के तहत सदस्यों को संस्था के अभिलेखों का निरीक्षण करने और उनकी प्रतियां प्राप्त करने का अधिकार है। नए परिपत्रक के अनुसार सोसायटी के उपविधि, पिछले वर्षों के ऑडिटेड बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट, समिति सदस्यों की सूची, सदस्य रजिस्टर, आमसभा और समिति बैठकों के कार्यवृत्त जैसी महत्वपूर्ण कागदपत्रों की प्रतियां निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त की जा सकेंगी।

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कटेगी सदस्यों की जेबें

इस शुल्क को लेकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एड. धनंजय जुन्नरकर ने आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील को पत्र भेजकर प्रति पृष्ठ पांच रुपए का शुल्क वापस लेने और वास्तविक खर्च के आधार पर शुल्क निर्धारित करने की मांग की है। उनके अनुसार 100 पृष्ठों की प्रतियों के लिए सदस्य को 500 रुपए, 500 पृष्ठों के लिए 2,500 रुपए और 1,000 पृष्ठों के लिए 5,000 रुपए खर्च करने पड़ सकते हैं।

डिजिटल कॉपी मुफ्त देने की मांग

डिजिटल दौर में कई सोसायटियों के दस्तावेज पीडीएफ या अन्य डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध हैं। इसलिए ऐसे दस्तावेज सदस्यों को ई-मेल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नि:शुल्क उपलब्ध कराने की मांग की गई है। यदि किसी दस्तावेज को नए सिरे से स्कैन करना जरूरी हो, तो केवल वास्तविक और प्रमाणित खर्च ही सदस्य से लेने का सुझाव दिया गया है।

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