प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai BMC Property Tax Retrospective Recovery: राज्य सरकार ने मुंबई मनपा कानून में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए बीएमसी को प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव) से करने की अनुमति दे दी है।
इस बदलाव के तहत बीएमसी आयुक्त को टैक्स प्रणाली तय करने और लागू करने के लिए अधिक अधिकार भी दिए गए हैं, जिससे वर्षों से चल रही अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद है।
यह संशोधन उस लंबे विवाद को सुलझाने के लिए लाया गया है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2009-10 में हुई थी। उस समय बीएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स की गणना के लिए किराया मूल्य आधारित प्रणाली को हटाकर कैपिटल वैल्यू सिस्टम लागू किया था, जिसमें संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर टैक्स तय किया जाता है। हालांकि, इस नई व्यवस्था को कई संपत्ति मालिकों ने अदालत में चुनौती दी, जिसके चलते मामला अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
कोर्ट के फैसलों के बाद बीएमसी पूरी तरह से नई प्रणाली लागू नहीं कर सकी और वर्षों तक आंशिक रूप से टैक्स वसूली करती रही। अब नए संशोधन के बाद बीएमसी को पिछले वर्षों के बकाया टैक्स वसूलने का अधिकार मिल गया है। पहले नागरिक पुराने सिस्टम के तहत पूरा टैक्स और नए सिस्टम के तहत केवल 50 प्रतिशत राशि ही देते थे, जबकि बाकी 50 प्रतिशत को बकाया के रूप में दर्ज किया जाता था। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इन बकाया रकम की वसूली तत्काल नहीं की जाएगी और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
फिलहाल आम नागरिकों पर टैक्स का तत्काल बोझ बढ़ने की संभावना कम है। लेकिन जिन संपत्तियों में अतिरिक्त निर्माण या बदलाव किए गए है, उनके मालिकों को भविष्य में अधिक टैक्स देना पड़ सकता है, क्योकि नई व्यवस्था वास्तविक उपयोग और आकार के आधार पर टैक्स निर्धारित करेगी। इस संशोधन से बीएमसी आयुक्त को अधिक अधिकार मिलने से निर्णय प्रक्रिया तेज और सरल होगी।
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इससे बीएमसी को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सेवाओं के लिए बेहद जरूरी है। बढ़ते खर्च और घटते भंडार के बीच यह कदम बीएमसी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।