बीएमसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Property Tax Collection: मुंबई, नवभारत न्यूज नेटवर्क। बीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से 4 फरवरी 2026 तक 5,426 करोड़ 81 लाख रुपये का संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) वसूल किया है।
इसके बावजूद अब भी बड़ी संख्या में कर बकायेदार मौजूद हैं, जिन्हें लेकर आगामी दो महीनों में व्यापक वसूली अभियान चलाया जाएगा। बीएमसी ने संपत्ति कर की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त (शहर) डॉ अश्विनी जोशी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में न्यायालय की तरफ से रोक नहीं लगाई गई है, वहां संपत्ति कर बकाया रखने वालों के विरुद्ध कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज की जाए। कमर्शियल बकायेदारों की जल आपूर्ति कनेक्शन काटने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गुरूवार को मनपा मुख्यालय में कर निर्धारण एवं संग्रह विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में डॉ जोशी ने कहा कि संपत्ति कर भुगतान को लेकर नागरिकों से बार-बार अपील की जा रही है, ताकि वे समय पर कर अदा कर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
इसके बावजूद जो करदाता जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे, बीएमसी ने निर्देश दिया है कि चालू और बकाया दोनों वर्षों के संपत्ति कर की 100 प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए।
इसके लिए संपत्तियों के क्षेत्रफल, उपयोग और स्वामित्व से जुड़ी जानकारी को अद्यतन कर नई करयोग्य संपत्तियों को कर दायरे में लाया जाएगा, बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर उन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा और लंबे समय से कर न भरने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और डिजिटल माध्यमों को मजबूत किया गया है। साथ ही, एसएमएस, नोटिस और प्रत्यक्ष संपर्क के जरिए वसूली प्रक्रिया तेज की गई है। बीएमसी ने सभी संपत्ति करदाताओं से केवाईसी प्रक्रिया तुरंत पूरी करने की अपील की है, ताकि कर निर्धारण अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके। गौरतलब है कि 1915 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में वसूल किया जाना बाकी है। आगामी बीएमसी महापौर का चुनाव 11 फरवरी को होने जा रहा है।
चुनाव के बाद समितियों के चयन हो जाने के बाद राजनीतिक दल अपने एजेंडे को लागू करने की कोशिश करेंगे। शहर में बीएमसी पानी पर लगाए जाने वाले टैक्स को बढ़ा सकती है, लेकिन आगामी बीएमसी बजट में ऐसा होता हुआ नही दिखेगा, क्योंकि प्रशासन पानी टैक्स बढ़ाने के पक्ष में नही हैं।
आयुक्त भूषण गगरानी ने साफ तौर से इनकार कर दिया है और कहा है कि बीएमसी नागरिकों के लिए लगातार गुणवत्ता वाली पानी आपूर्ति करती है और पानी पर टैक्स बढ़ाने की जरुरत फिलहाल नही दिखाई दे रही है।
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कमर्शियल टैक्स की मार झेल रहे मुंबईकरों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में बीएमसी के खर्च में लगातार इजाफा हुआ है। जल आपूर्ति व्यवस्था के रखरखाव, पाइपलाइनों के नवीनीकरण, जल शुद्धिकरण संयंत्रों के संचालन, कर्मचारियों के वेतन और अन्य नागरिक सेवाओं पर भारी राशि खर्च हो रही है।