मुंबई में जलभराव बढ़ने पर BMC का बड़ा फैसला, पश्चिमी उपनगरों में सबसे ज्यादा पंप तैनात

BMC Drainage System Upgrade Mumbai: मुंबई में बढ़ते जलभराव को देखते हुए BMC ने इस मानसून 547 डीवॉटरिंग पंप लगाने की योजना बनाई है। पश्चिमी उपनगरों में सबसे ज्यादा पंप लगाए जाएंगे।
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मुंबई मनपा (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai BMC Dewatering Pumps Plan: पिछले एक वर्ष में शहर में जलभराव-प्रवण स्थानों की संख्या बढ़ने के बीच बीएमसी ने इस मानसून में 547 डीवॉटरिंग पंप तैनात करने की योजना बनाई है।

यह पिछले वर्ष के मुकाबले सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है, जब बाढ़ से निपटने के लिए 510 पंप लगाए गए थे। इस योजना पर लगभग 144 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें सबसे अधिक पंप पश्चिमी उपनगरों में लगाए जाएंगे। मुंबई मनपा ने मानसून के दौरान पूरे शहर में डीवॉटरिंग पंपों के संचालन और रखरखाव के लिए ठेकेदारों से निविदाएं आमंत्रित की है।

हर साल मानसून से पहले इन पंपों को शहर के निचले और जलभराव-प्रवण क्षेत्रों में स्थापित किया जाता है, ताकि जमा वर्षा जल को नजदीकी नालों में निकाला जा सके। इस वर्ष बीएमसी कुल 547 जलभराव स्थानों पर पंप लगाएगी, जिनमें से 223 पश्चिमी उपनगरों, 178 पूर्वी उपनगरों और 146 मुख्य शहर में होंगे।

यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, जब बीएमसी ने 510 पंप लगाए थे। दरअसल, पहले प्रस्तावित 417 पंप 26 मई 2025 को मुंबई में हुई भारी बारिश के दौरान अपर्याप्त साबित हुए थे, जो पिछले 75 वर्षों में सबसे जल्दी मानसून आगमन में से एक था। वर्ष 2024 में मनपा ने 482 डीवॉटरिंग पंप लगाए थे।

कई वार्डों में जलभराव की समस्या

मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पंपों की संख्या बढ़ाने की जरूरत वार्ड स्तर से बढ़ती मांग के कारण पड़ी है, एक अधिकारी ने कहा, "मेट्रो, सड़कों और पुलों जैसे प्रोजेक्ट्स के तहत चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कई वार्डों में जलभराव प्रवण स्थान बढ़ गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में मुंबई में जलभराव वाले स्थानों में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष 498 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 453 थी। कुल स्थानों में से बीएमसी ने 391 जगहों पर समस्या का समाधान कर लिया है।

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