मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन टनल अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Tunnel Project: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र में 21 किमी लंबी भूमिगत सुरंग का काम शुरू कर दिया गया है। बुलेट ट्रेन रूट सबसे चुनौतीपूर्ण काम महाराष्ट्र में किया जा रहा है। यहां जमीन के नीचे, समुद्री खाड़ी के अंदर भी टनेल बनाया जा रहा है।
मुंबई में (घनसोली के पास) सावली में जमीन के करीब 39 मीटर नीचे दूसरी टनल बोरिंग मशीन (TBM) की असेंबली शुरू हो गई है। ये TBM सावली से विक्रोली की तरफ अपना सफर शुरू करेगी। शनिवार को 190 मीट्रिक टन वज़न वाली गैन्ट्री नीचे उतारी गई।
इसकी लंबाई 18 मीटर, चौड़ाई 10 मीटर और ऊंचाई 9 मीटर है। इसके पहले मुंबई के विक्रोली में ज़मीन के स्तर से 56 मीटर की गहराई पर पहली टीबीएम को नीचे उतारा गया,जो कि 20 मंज़िला इमारत की ऊँचाई के बराबर है। दोनों TBM में मिलाकर कुल 4 गैन्ट्री होंगी, जिन्हें मेन शील्ड असेंबली और कटरहेड से जोड़ा जाएगा।
मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन टनल अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
ये गैन्ट्री TBM के साथ पूरे बने हुए टनल में आगे बढ़ती रहेंगी और खुदाई, वॉटरप्रूफिंग, टनल लाइनिंग सेगमेंट लगाने जैसे ज़रूरी कामों में मदद करेंगी। सावली शाफ्ट में जगह कम होने की वजह से 39 मीटर नीचे TBM की असेंबली बहुत सोच-समझकर प्लान की गई है। TBM की शुरुआती ड्राइव जुलाई 2026 में शुरू होने की उम्मीद है।
बुलेट ट्रेन के लिए मुंबई के बीकेसी से ठाणे के शीलफाटा तक लगभग 21 किमी लंबी सुरंग बनाई जा रही है। इस भूकंपरोधी सुरंग में भारत की पहली 7 कि.मी. लंबी समुद्र के नीचे की सुरंग भी शामिल है, जो ठाणे क्रीक के नीचे से गुज़रती है। बताया गया कि 21 कि.मी. में से, एनएटीएम (न्यू आस्ट्रियन मेथड) तरीकों का उपयोग कर 5 कि.मी. सुरंग पहले ही पूरी हो चुकी है। अब बाकी 16 कि.मी. सुरंग टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) की मदद से बनाई जाएगी।
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train के लिए भूमिगत रूप से बनाई जा रही देश की अत्याधुनिक सिंगल-ट्यूब सुरंग होगी। जिसमें दो ट्रैक बनाए जाएंगे। यह सुरंग ज़मीन के स्तर से लगभग 25 से 57 मीटर गहरी होगी, और इसका सबसे गहरा निर्माण बिंदु पारसिक पहाड़ी से 114 मीटर नीचे होगा।
टीबीएम की कुल लंबाई 95.32 मीटर है और इसमें कई ज़रूरी हिस्से शामिल हैं, जैसे कटर व्हील, मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, इरेक्टर, मेन शील्ड, टेल शील्ड, और चार खास गैंट्री जो टनल बनाने के काम में मदद करती हैं।
टीबीएम की कुल लंबाई 95.32 मीटर है और इसमें कई ज़रूरी हिस्से शामिल हैं, जैसे कटर व्हील, मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, इरेक्टर, मेन शील्ड, टेल शील्ड, और चार खास गैंट्री जो टनल बनाने के काम में मदद करती हैं।
इसके लिए एक साथ 2 टीबीएम का उपयोग किया जा रहा है,ताकि दोनों तरफ से कार्य को सुरक्षित एवं तेजी से किया जा सके। बताया गया कि दोनों टीबीएम की असेम्बलिंग के बाद मुख्य रूप से टनलिंग की शुरुआत जुलाई से हो जाएगी और अक्टूबर 2026 तक सुरंग आकार लेने लगेगी।
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मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट