

Goregaon Mrinaltai Gore Flyover Update: गोरेगांव का बहुप्रतिक्षित मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर का पहला चरण आखिरकार जनता को समर्पित कर दिया गया है। इस ब्रिज से यातायात खुलने के बाद लाखों लोगों की राह आसान हो गई है। अब गोरेगांव और ओशिवरा के बीच का आधे घंटे का सफर केवल 5 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इस फ्लाईओवर से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एस।वी। रोड के बीच की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इससे समय और फ्यूल की भारी बचत होगी।
मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर गोरेगांव (पश्चिम) में एक प्रमुख फ्लाईओवर है। यह पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी में सुधार और यातायात की भीड़ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण सेतू है। इस पुल के 750 मीटर लंबे विस्तार का उद्घाटन शनिवार को किया गया। इस यातायात खुलने से राम मंदिर और गोरेगांव के बीच की यात्रा बेदह आसान हो गई है। पहले यह दूरी परा करने के लिए वाहन चालकों को लगभग 30 मिनट का समय लगता था।
यह चार लेन - वाला फ्लाईओवर जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (जेवीएलआर) और हाइवे को जोड़ने में भी आसान हो गया है। इस फ्लाईओवर को गोरेगांव (पश्चिम) में राम मंदिर मार्ग से रिलीफ रोड तक बढ़ाया गया है। मुंबई की महापौर रितु तावड़े और उप महापौर संजय घाडी ने शनिवार को इस फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक विद्या ठाकुर, हारून खान, अमित साटम सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना बीएमसी ने लगभग 248 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया है। इस परियोजना को बनाने में 24 महीने का समय लगा है। हालांकि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कोरोना महामारी और कंस्ट्रक्शन के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण इस परियोजना को पूरा करने में दिक्कतें आईं। परियोजना की लागत बढ़ने से कई बार सवाल उठे।
परियोजना निर्माण के काम में आई देरी के कारण लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्याओं का सामना करना पड़ा। ठेकेदार कंपनी को 30 अप्रैल तक की समय सीमा दी गई थी। काम निर्धारित समय पर पूरा न होने के कारण बीएमसी ने 1 मई से हर दिन 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।
इसके बाद 12 मई से जुर्माना बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रतिदिन कर दिया गया था। घनी आबादी, व्यस्त चौराहे और भारी ट्रैफ़िक की वजह से पुलिस से ट्रैफिक अनुमति लेना मुश्किल था। स्थानीय लोगों की मेन रोड पर फ्लाईओवर की लैंडिंग बदलने के अनुरोध को देखते हुए ब्रिज के नीचे एक नया पुल शामिल करने के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (जीएडी) में बदलाव किया गया।
इस परियोजना के विस्तार के काम में वालभट नदी पर बने मौजूदा ब्रिज को गिराना और फिर उसे बनाना शामिल है। नए 4 लेन के पुल में लगभग 450 मीटर लंबे अप्रोच रोड को बेहतर तरीके से बनाया गया है। ब्रिज की कुल लंबाई 750 मीटर और चौड़ाई 15.50 मीटर है। इससे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (गोरेगांव पूर्व) से रिलीफ रोड और अंधेरी पश्चिम जाने वाली कनेक्टिंग रोड तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही स्वामी विवेकानंद मार्ग और आस-पास के इलाकों में ट्रैफ़िक जाम से राहत मिलेगी।