मुंबई-अलीबाग मल्टी कॉरिडोर से गुजर रहा म्हाडा प्रोजेक्ट, 50 करोड़ मुआवजे की मांग
MHADA Project: एमएसआरडीसी का विरार-अलीबाग मल्टी कॉरिडोर शिरढोण म्हाडा हाउसिंग प्रोजेक्ट से गुजरेगा। 100 मीटर चौड़ी 500 मीटर लंबी जमीन अधिग्रहित होगी। इसके लिए 50 करोड़ का मुआवजा मांगा गया है।
- Written By: सोनाली चावरे
एमएसआरडीसी विरार-अलीबाग मल्टी कॉरिडोर (pic credit; social media)
Mumbai Alibag Multi-Corridor: महाराष्ट्र राज्य मार्ग विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) द्वारा विरार- अलीबाग मल्टी कॉरिडोर के निर्माण से जुड़ा मामला अब म्हाडा के बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट में उलझ गया है। यह 126 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर कल्याण तालुका स्थित शिरढोण गांव के म्हाडा प्रकल्प के रास्ते से गुजरेगा, जिससे लगभग 5 हेक्टेयर जमीन प्रभावित होगी।
म्हाडा के कोंकण मंडल ने इस प्रभावित भूमि के बदले 50 से 60 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट की अलाइनमेंट अंतिम रूप में तय हो चुकी है और जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
शिरढोण में यह विशाल हाउसिंग प्रोजेक्ट आम नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। कुल 16,000 घरों में से अब तक करीब 10,000 यूनिट्स का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रभावित क्षेत्र में 100 मीटर चौड़ी और 500 मीटर लंबी जमीन की आवश्यकता है, जिससे परियोजना का एक हिस्सा विभाजित हो जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
सूखे की आशंका से बढ़ी किसानों की चिंता, बुआई को लेकर असमंजस में अहिल्यानगर के किसान
‘टाइगर अभी जिंदा है’: आढलराव पाटिल का शिरूर सांसद पर तीखा हमला, 2029 में लोकसभा चुनाव लड़ने का दिया संकेत
Nagpur Station Alert: नागपुर रेलवे स्टेशन पर बढ़ा चोरों का आतंक, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
सांसद निलेश लंके का ओरिजीनल ऑपरेशन टाइगर! गले में पट्टा बांधकर खूंखार बाघ को घुमाते दिखे सांसद, देखें VIDEO
इसे भी पढ़ें- 5 साल में बनेंगे 35 लाख घर, नई हाउसिंग पॉलिसी को मिली मंजूरी, ये है खास बातें
एमएसआरडीसी द्वारा प्रस्तावित कॉरिडोर में शिरढोण हाउसिंग प्रोजेक्ट के पास एक इंटरचेंज भी शामिल है। यह इंटरचेंज भविष्य के निवासियों को सीधे कॉरिडोर से जोड़ेगा, जिससे यात्रा आसान होगी और समय की बचत होगी। वहीं, प्रकल्प की लोकेशन वैल्यू और कनेक्टिविटी में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
म्हाडा अधिकारियों का कहना है कि जहां जमीन का नुकसान होगा, वहीं इंटरचेंज के निर्माण से प्रोजेक्ट को लंबी अवधि में बड़ा लाभ मिलेगा। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि मुआवजे की राशि और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर एमएसआरडीसी से औपचारिक पत्र जल्द भेजा जाएगा।
