Mumbai: मेट्रो की टनल में छेद, अवैध बोरवेल की ड्रिलिंग की वजह से हुआ नुकसान, पढ़ें रिपोर्ट
Mumbai Metro Tunnel Damage: मुंबई के मेट्रो जंक्शन के पास अवैध बोरवेल ड्रिलिंग से मेट्रो टनल में छेद हो गया। पुलिस ने चंद्रमा वॉटर सप्लाई के मालिक रामबाबू राय पर केस दर्ज किया है।
- Written By: अनिल सिंह
Mumbai Metro Tunnel Damage प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Illegal Borewell Drilling Mumbai Metro: मुंबई के व्यस्त मेट्रो जंक्शन के पास एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां अवैध रूप से की जा रही बोरवेल ड्रिलिंग के कारण मेट्रो की मुख्य टनल को नुकसान पहुंचा है। यह घटना 5 मार्च 2026 को घटित हुई थी, जिसने शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो सेवा की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। गनीमत यह रही कि ड्रिलिंग मशीन टनल के केवल एक हिस्से को ही छू सकी, जिससे एक छोटा छेद हुआ, अन्यथा यह एक बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में इस मामले की आधिकारिक शिकायत 13 मार्च को दर्ज की गई है। पुलिस ने चंद्रमा वॉटर सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रामबाबू राय के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घनी आबादी वाले और संवेदनशील मेट्रो रूट के पास इस तरह का खतरनाक काम बिना किसी सरकारी अनुमति के धड़ल्ले से किया जा रहा था।
अवैध बोरवेल ड्रिलिंग और मेट्रो टनल को क्षति
जानकारी के मुताबिक, मेट्रो जंक्शन के पास चंद्रमा वॉटर सप्लाई कंपनी द्वारा बोरवेल की खुदाई का काम नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। ड्रिलिंग के दौरान मशीन की गहराई मेट्रो टनल के स्तर तक पहुंच गई और टनल के बाईं तरफ के हिस्से में छेद हो गया। हालांकि अधिकारियों ने इस नुकसान को फिलहाल मामूली बताया है और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की चूक मेट्रो के स्ट्रक्चरल ढांचे को कमजोर कर सकती है।
सम्बंधित ख़बरें
मोहन भागवत से लेकर राहुल गांधी और अंबानी-अडानी तक, सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में उमड़ा दिग्गजों का सैलाब
पेड़ भी बचेंगे प्रोजेक्ट भी बनेगा, MMRDA ने 13.9 Km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बदला डिजाइन
परभणी मंदिर हादसा: मलबे से निकलीं अपनों की लाशें, 5 मृतकों की हुई पहचान; मातम में बदली खुशियां
गणपतिपुले में समुद्र की लहरों में बहने वाले पांच श्रद्धालुओं का अब तक नहीं लगा सुराग, खोज अभियान जारी
ये भी पढ़ें- ज्योतिष की आड़ में महिलाओं का शोषण: अशोक खरात के फार्म हाउस का काला सच और वायरल वीडियो का रहस्य
कंपनी मालिक रामबाबू राय पर पुलिस का शिकंजा
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मुंबई पुलिस ने रामबाबू राय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 125, 324(5), 326(b) के साथ-साथ मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम की धारा 78 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बिना बीएमसी (BMC) या मेट्रो प्रशासन की एनओसी (NOC) लिए ड्रिलिंग शुरू की थी। इस मामले में कंपनी के अन्य कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मेट्रो सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर भूमिगत बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की कमियों को उजागर कर दिया है। मुंबई जैसे शहर में जहां जमीन के नीचे मेट्रो की कई लाइनें बिछाई जा रही हैं, वहां बिना अनुमति बोरवेल खोदना सार्वजनिक संपत्ति और हजारों यात्रियों की जान को खतरे में डालने जैसा है। आजाद मैदान पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतने दिनों तक बिना किसी टोक-टाक के यह काम कैसे चलता रहा और क्या इसमें किसी स्थानीय अधिकारी की मिलीभगत थी।
