Mumbai: विकास या विनाश? मेट्रो के काम ने छीना बच्चों का फुटपाथ, गांधीनगर जंक्शन बना ‘डेथ ट्रैप’
Mumbai Metro Construction: मुंबई के गांधीनगर जंक्शन पर मेट्रो लाइन 4 और 6 के निर्माण के कारण फुटपाथ तबाह हो गए हैं। स्कूली छात्र और पैदल यात्री अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
- Written By: अनिल सिंह
Deadly Mumbai Metro construction (फोटो क्रेडिट-X)
Gandhinagar Junction Vikhroli Safety: मुंबई के विक्रोली और कंजूरमार्ग इलाके में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य ने स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों के लिए सड़क पर चलना एक खतरनाक चुनौती बना दिया है। गांधीनगर जंक्शन पर मेट्रो लाइन 4 और लाइन 6 के संगम (इंटरचेंज) के कारण बुनियादी ढांचे की चार परतें एक साथ मिल रही हैं, जिससे यहाँ का फुटपाथ पूरी तरह से तबाह हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विकास की इस दौड़ में आम नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
यह जंक्शन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान में यह किसी ‘युद्धक्षेत्र’ से कम नजर नहीं आता।
चार परतों का निर्माण और ‘गायब’ हुआ फुटपाथ
गांधीनगर जंक्शन पर लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड, जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) फ्लाईओवर, और मेट्रो की ग्रीन लाइन 4 व पिंक लाइन 6 एक-दूसरे को काटती हैं। बड़े पैमाने पर चल रहे इस काम की वजह से पैदल चलने वालों के लिए कोई स्पष्ट रास्ता नहीं बचा है। कंक्रीट के बड़े ब्लॉक, नुकीली लोहे की छड़ें और धातु की प्लेटें फुटपाथ पर बिखरी पड़ी हैं। केंद्रीय विद्यालय और सेंट ज़ेवियर्स हाई स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के हजारों छात्र हर सुबह इन बाधाओं के बीच से अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचने को मजबूर हैं।
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अंधेरे रास्ते और असुरक्षित सफर
मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक निवासियों की सबसे बड़ी चिंता रात के समय छाने वाला सन्नाटा और अंधेरा है। विक्रोली की निवासी शबाना खान ने बताया कि सूरज डूबने के बाद यह पूरा इलाका घोर अंधेरे में डूब जाता है। स्ट्रीट लाइट की कमी और सड़क पर बिखरे मलबे के कारण पैदल यात्रियों को मजबूरन मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ चलना पड़ता है। सुरक्षा के नाम पर लगाए गए बैरिकेड भी अनियंत्रित हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों के लिए गिरकर घायल होने का खतरा हर पल बना रहता है।
अधिकारियों का आश्वासन बनाम जमीनी हकीकत
साइट पर मौजूद इंजीनियरों ने स्वीकार किया है कि रात में भारी क्रेन और गर्डरों की आवाजाही के कारण फुटपाथ की रेलिंग क्षतिग्रस्त हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यहाँ दो महत्वपूर्ण लाइनों का मिलन हो रहा है, इसलिए अधिक जगह की आवश्यकता है और काम पूरा होने के बाद सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि तब तक उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? अभिभावकों ने माँग की है कि कम से कम निर्माण कार्य के दौरान एक सुरक्षित, अस्थायी और अच्छी रोशनी वाला पैदल मार्ग (Safe Pedestrian Corridor) उपलब्ध कराया जाए।
