Medha Kulkarni on Indians Stuck in Middle East (फोटो क्रेडिट-X)
Medha Kulkarni Holi: भाजपा की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने इस वर्ष होली का त्योहार एक संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस बार वे अनाथ बच्चों के साथ रंगों का उत्सव मनाएंगी। सांसद ने कहा कि इन बच्चों के साथ समय बिताकर और उनके जीवन में खुशियाँ बिखेरकर उन्हें जिस आनंद की अनुभूति हो रही है, उसे शब्दों में बयां करना कठिन है।
एक तरफ जहाँ देश होली के उल्लास में डूबा है, वहीं सांसद ने मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मेधा कुलकर्णी ने समस्त देशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व रंगों और नई उम्मीदों का उत्सव है। उन्होंने अनाथ बच्चों के साथ होली मनाने के अपने फैसले को आत्मिक संतोष से जोड़ा। सांसद ने विश्वास जताया कि जिस तरह होली के रंग सभी को एक सूत्र में बांधते हैं, उसी तरह समाज को वंचित वर्ग के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास करना चाहिए। उनके अनुसार, वास्तविक उत्सव वही है जहाँ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चला जाए।
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इजरायल-ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों की स्थिति पर सांसद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को सकुशल घर लाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।
सांसद ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि महाराष्ट्र के भी कई नागरिक रोजगार और अन्य कारणों से खाड़ी देशों में हैं। उन्होंने संकट में फंसे लोगों और उनके परिवारों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की सहायता के लिए आपातकालीन दूरभाष नंबर (Helpline Number) जारी कर दिया है। मेधा कुलकर्णी ने आश्वासन दिया कि सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनयिक और सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।