‘हरे रंग’ पर विवाद क्यों? वारिस पठान के बयान पर मौलाना साजिद रशीदी का समर्थन
Mumbai News: ‘हरे रंग’ को लेकर चल रहे विवाद पर मौलाना साजिद रशीदी ने दो टूक कहा कि राजनीतिक विस्तार की बात को सांप्रदायिक चश्मे से देखना गलत है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मौलाना साजिद राशिदी (सौ. नवभारत )
Maulana Sajid Rashidi Statement: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के महाराष्ट्र और देश को “हरे रंग” में बदलने वाले बयान का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल अपने संगठन के विस्तार की बात करता है, तो इसे विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। आईएएनएस से बातचीत में मौलाना साजिद ने सवाल उठाया कि हरे रंग को लेकर ही आपत्ति क्यों जताई जाती है, जबकि भगवा झंडा फहराने और धार्मिक नारे लगाने की खुली बातें अक्सर सामान्य मान ली जाती हैं।
नफरत पर चुप्पी, मुस्लिम बयान पर हंगामा
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि नफरत फैलाने वाले कई बयानों पर चुप्पी साध ली जाती है, लेकिन जब मुसलमानों से जुड़ा कोई बयान आता है तो उस पर तुरंत विवाद खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरा रंग किसी एक धर्म का प्रतीक नहीं है और इसे इस्लाम से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की जाती है।
सम्बंधित ख़बरें
‘विधायकी के लिए पार्टी बेचने वाला नालायक नहीं हूं’, शिवसेना में विलय की खबरों पर बच्चू कडू का करारा जवाब
जलगांव में मातम: दुल्हन की मेहंदी सूखने से पहले ही उजड़ गया संसार, भीषण सड़क हादसे में 3 की मौत
एक सीट और 75 दावेदार, राष्ट्रवादी में विधान परिषद की उम्मीदवारी के लिए छिड़ी जंग, आज शाम होगा फैसला
BJP कार्यकर्ता रमेश रेड्डी हत्याकांड से दहला पुणे का देहू रोड, मावल और थॉमस कॉलोनी से दो संदिग्ध पकड़े गए
यूजीसी के नए नियमों पर जताई चिंता
यूजीसी के नए नियमों को लेकर चल रहे विरोध पर मौलाना साजिद ने कहा कि ऐसे कानूनों का दुरुपयोग होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इससे निर्दोष लोगों के फँसने का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे संवेदनशील कानून बनाते समय पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि इसका सामाजिक और राजनीतिक असर भी पड़ सकता है।
शंकराचार्य विवाद पर संतुलित टिप्पणी
शंकराचार्य के अपमान के विरोध में एक अधिकारी के इस्तीफे के मामले पर उन्होंने कहा कि इस आधार पर इस्तीफा देना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब अधिकांश संत संगम स्नान के दौरान पालकी का प्रयोग नहीं करते, तो शंकराचार्य द्वारा ऐसा क्यों किया गया। हालांकि, उन्होंने कुछ संतों के साथ पुलिस के व्यवहार को गलत भी बताया।
ये भी पढ़ें :- Dharashiv: ध्वजारोहण के बाद ग्रुप फोटो के दौरान गिरे अधिकारी, अस्पताल में मौत
मुस्लिम वोट और कांग्रेस पर सीधा सवाल
मुस्लिम वोट को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुसलमान किसी एक पार्टी के बंधक नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह गई है, जबकि मुसलमान अपने मुद्दों को लेकर विकल्प तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, आज मुसलमान पूरी तरह स्वतंत्र हैं और अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं।
