9 साल बाद नकली सोना गिरवी घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बैंक से करोड़ों की ठगी कर बदला था नाम
Mumbai News: मीरा-भाईंदर बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी 9 साल बाद गिरफ्तार। नकली सोना गिरवी रखकर 75 लाख की ठगी, फरार आरोपी ने नाम बदलकर छिपाई पहचान, पुलिस ने विरार से दबोचा।
- Written By: सोनाली चावरे
बैंक घोटाले का आरोपी गिरफ्तार (Pic credit; social media)
Maharashtra News: मीरा-भाईंदर-वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच-1 काशीमीरा ने 9 साल से फरार चल रहे एक बड़े बैंक घोटाले के आरोपी को दबोच लिया है। यह वही आरोपी है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर बैंक में नकली सोना गिरवी रखकर करोड़ों का लोन लिया था।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2016 के बीच आरोपी और उसके पांच साथियों ने कैथोलिक सिलियन बैंक लिमिटेड, भाईंदर (प.) शाखा में बैंक मैनेजर की मिलीभगत से लगभग 75,37,085 रुपए का लोन नकली सोना गिरवी रखकर ले लिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद मीरा रोड (पूर्व) निवासी जानसी कुराइकोस (52) की शिकायत पर भाईंदर पुलिस ने भादंवि की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
जांच में सामने आया कि इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड गोपाल राधेश्याम नाग है, जो केस दर्ज होने के बाद से फरार था। पुलिस ने जब उसकी तलाश तेज की तो पता चला कि उसने पहचान छिपाने के लिए अपना नाम बदलकर गोपाल राधेश्याम चौरसिया रख लिया था और नालासोपारा (पूर्व) इलाके में रह रहा था।
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शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम डिटेक्शन ब्रांच-1, काशीमीरा की टीम ने मनवेल पाडा, विरार (पूर्व) से उसे धर दबोचा। इसके बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध शाखा, एमबीवीवी पुलिस को सौंप दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त संदीप डोईफोडे और मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक सुशीलकुमार शिंदे, सचिन सानप, संदीप शिंदे, पुष्पेंद्र थापा, मनोज चव्हाण, स्वप्निल मोहिले, धीरज मेंगाने, सौरभ इगले, किरण असवाले और एसपीएफ संतोष चव्हाण शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए जगह-जगह ठिकाने बदल रहा था, लेकिन अंततः कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।
