Maratha Reservation पर गरमाई सियासत, मनोज जरांगे का विखे पाटिल पर तीखा हमला
Manoj Jarange Patil Vs Radhakrishna Vikhe Patil: मराठा आरक्षण को लेकर फिर सियासत तेज हो गई है। मनोज जरांगे पाटिल ने उपसमिति पर सवाल उठाते हुए उसे भंग करने और अलग मंत्रालय बनाने की मांग की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मनोज जरांगे Vs राधाकृष्ण विखे पाटिल (सौ. डिजाइन फोटो )
Maratha Reservation Row Manoj Jarange Vs Radhakrishna Vikhe Patil: मुंबई में मराठा आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार और उपसमिति पर तीखे सवाल उठाए हैं।
जरांगे पाटिल ने कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वे उपसमिति के अध्यक्ष के रूप में बेहतर काम करेंगे, लेकिन उन्होंने निराश किया है।
उपसमिति भंग करने की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि उपसमिति की बैठकों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में इस समिति को भंग कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने मराठा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग भी उठाई।
सम्बंधित ख़बरें
Bombay High Court की नागपुर बेंच का अहम निर्देश, जब्त किए गए नोट बदलने से इनकार नहीं कर सकता RBI
सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे को Maharashtra MLC Election लड़ने का दिया प्रस्ताव, कांग्रेस गुट हुआ नाराज
साहित्य संघ की क्लास में बैठेंगे टैक्सी वाले, भाषाई barrier दूर करने के लिए सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक
Maharashtra Election Process में बड़ा बदलाव, ‘कलर कोडिंग’ और नई वितरण प्रणाली से मतदान प्रक्रिया होगी आसान
अलग मंत्रालय की मांग
Manoj Jarange Patil का कहना है कि मराठा और कुणबी समुदाय के मुद्दों के समाधान के लिए अलग मंत्रालय बनाना जरूरी है। वे इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मांग करने की बात कह रहे हैं।
विखे पाटिल का जवाब
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि हैदराबाद गजट लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं और प्रक्रिया जारी है।
आंकड़ों के जरिए सफाई
उन्होंने बताया कि उपसमिति के गठन से पहले करीब 2 लाख प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, जबकि समिति बनने के बाद अब तक 54,000 लोगों को प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं।
ये भी पढ़ें :- Bombay High Court की नागपुर बेंच का अहम निर्देश, जब्त किए गए नोट बदलने से इनकार नहीं कर सकता RBI
सियासी बहस तेज
मराठा आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र रहा है। ताजा बयानबाजी के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है।
