रायगढ़ में मराठा समाज ने मनाया जश्न, गूंजे ‘एक मराठा, लाख मराठा’ के नारे
Mumbai News: महाराष्ट्र सरकार के मराठा आरक्षण के ऐतिहासिक फैसले के बाद रायगढ़ में मराठा समाज ने जोरदार जश्न मनाया। ढोल-ताशों, रंगोली और नृत्य के साथ ‘एक मराठा, लाख मराठा’ के नारे गूंजे।
- Written By: सोनाली चावरे
मराठा आरक्षण फैसले पर रायगढ़ में जश्न (pic credit; social media)
Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समुदाय को आरक्षण देने की ऐतिहासिक घोषणा के बाद राज्यभर में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के रोहा शहर में मराठा समाज ने जोरदार जश्न मनाया। इस दौरान गूंजते ढोल और एकता का संदेश देने वाली आवाजें पूरे क्षेत्र में सुनाई दीं और लोग ‘एक मराठा, लाख मराठा’ के नारों के साथ उत्साहित नजर आए।
युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरे पर गर्व और आनंद साफ झलक रहा था। लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, मिठाइयां खिलाकर और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे। जश्न को और रंगीन बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर रंगोलियां बनाई गईं, जबकि युवाओं ने ढोल-ताशों की धुन पर नृत्य कर कार्यक्रम को उत्सव का रूप दिया।
मराठा समाज के लोगों ने इस अवसर पर आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल को विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी लंबी लड़ाई और संघर्ष के परिणामस्वरूप सरकार ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
सम्बंधित ख़बरें
तीसरी मुंबई पर थी अशोक खरात की नजर, जेल में रहते हुए की करोड़ाें की डील! उरण जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा
भंडारा खेत में बैंगन तोड़ रहे किसान पर जंगली सूअर का हमला, गंभीर रूप से घायल; वन विभाग से मदद की गुहार
ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनेल गिरगांव तक बढ़ेगी, एमएमआरडीए का प्रस्ताव, एमटीएचएल से जुड़ेगी मुंबई की गहरी सड़क सुरंग
कल्याण-कसारा के बीच 3 री लाइन का काम जारी, विशेष ब्लॉक से लोकल एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित
राज्य सरकार ने आरक्षण के साथ ही प्रमाणपत्र प्रक्रिया में सुधार का कदम भी उठाया है। नए शासन निर्णय (जीआर) के तहत अब मराठा समुदाय के पात्र व्यक्तियों को ‘कुणबी,’ ‘मराठा-कुणबी’ या ‘कुणबी-मराठा’ के रूप में जाति प्रमाणपत्र जारी करने की स्पष्ट प्रक्रिया लागू की जाएगी। इससे न केवल प्रशासनिक राहत मिलेगी बल्कि पारदर्शिता और तेज़ी भी आएगी।
इस फैसले के पीछे मराठवाड़ा क्षेत्र की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को अहम आधार माना गया है। सातवाहन, चालुक्य और यादवों का गढ़ रहे इस क्षेत्र में सामाजिक विविधता को हमेशा अपनाया गया है। रायगढ़ में इस ऐतिहासिक फैसले का जश्न न केवल मराठा समाज की जीत का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक और आर्थिक अवसरों का मार्ग भी खोलेगा।
(News Source; आईएएनएस )
