

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समुदाय को आरक्षण देने की ऐतिहासिक घोषणा के बाद राज्यभर में खुशी का माहौल है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के रोहा शहर में मराठा समाज ने जोरदार जश्न मनाया। इस दौरान गूंजते ढोल और एकता का संदेश देने वाली आवाजें पूरे क्षेत्र में सुनाई दीं और लोग ‘एक मराठा, लाख मराठा’ के नारों के साथ उत्साहित नजर आए।
युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरे पर गर्व और आनंद साफ झलक रहा था। लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, मिठाइयां खिलाकर और पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार कर रहे थे। जश्न को और रंगीन बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर रंगोलियां बनाई गईं, जबकि युवाओं ने ढोल-ताशों की धुन पर नृत्य कर कार्यक्रम को उत्सव का रूप दिया।
मराठा समाज के लोगों ने इस अवसर पर आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल को विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी लंबी लड़ाई और संघर्ष के परिणामस्वरूप सरकार ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
राज्य सरकार ने आरक्षण के साथ ही प्रमाणपत्र प्रक्रिया में सुधार का कदम भी उठाया है। नए शासन निर्णय (जीआर) के तहत अब मराठा समुदाय के पात्र व्यक्तियों को ‘कुणबी,’ ‘मराठा-कुणबी’ या ‘कुणबी-मराठा’ के रूप में जाति प्रमाणपत्र जारी करने की स्पष्ट प्रक्रिया लागू की जाएगी। इससे न केवल प्रशासनिक राहत मिलेगी बल्कि पारदर्शिता और तेज़ी भी आएगी।
इस फैसले के पीछे मराठवाड़ा क्षेत्र की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को अहम आधार माना गया है। सातवाहन, चालुक्य और यादवों का गढ़ रहे इस क्षेत्र में सामाजिक विविधता को हमेशा अपनाया गया है। रायगढ़ में इस ऐतिहासिक फैसले का जश्न न केवल मराठा समाज की जीत का प्रतीक है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सामाजिक और आर्थिक अवसरों का मार्ग भी खोलेगा।
(News Source; आईएएनएस )